Shraddha Murder Case: कहां भाग गया आफताब का परिवार ? सीसीटीवी फुटेज आया सामने, जानें अबतक की बड़ी बातें

Mehrauli Murder Case: आरोपी आफताब ने शव के टुकड़ों को दक्षिण दिल्ली के महरौली में अपने आवास पर लगभग तीन सप्ताह तक एक बड़े फ्रिज में रखा. इसके बाद शव के टुकड़ों को कई दिनों तक विभिन्न हिस्सों में फेंकता रहा. जानें अबतक क्या हुआ है मामले में खुलासा

Shraddha Murder Case: श्रद्धा वालकर हत्याकांड में एक के बाद एक नया खुलासा हो रहा है. दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है. ताजा घटनाक्रम में दिल्ली पुलिस की एक टीम ने शनिवार को महाराष्ट्र के पालघर में चार लोगों का बयान दर्ज किया. इन चार लोगों में दो ऐसे व्यक्ति हैं जिनसे श्रद्धा ने 2020 में लिव-इन पार्टनर आफताब पूनावाला द्वारा मारपीट किये जाने के बाद मदद मांगी थी. इस बीच दिल्ली पुलिस को एक CCTV फुटेज मिला है सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है. जानें मामले में अबतक क्या आया समने…

-पुलिस ने चार लोगों का बयान दर्ज किया है. उपरोक्त दो लोगों के अलावा, अन्य जिन दो लोगों का बयान दर्ज किया गया है, उनमें एक मुंबई के कॉल सेंटर का पूर्व प्रबंधक है जहां श्रद्धा काम करती थीं जबकि दूसरी उसकी एक दोस्त है.

-स्थानीय पुलिस ने मामले को लेकर कहा है कि आफताब पूनावाला के परिवार के सदस्य मुंबई के समीप मीरा रोड की एक इमारत से किसी अज्ञात जगह पर भाग गये हैं. इनका पता नहीं चला सका है.

-दिल्ली पुलिस फिलहाल टीम पालघर जिले के वसई के मानिकपुर में है, जो श्रद्धा का पैतृक इलाका है. दिल्ली जाने से पहले श्रद्धा एवं आफताब यहीं ठहरे थे.

-पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिला है, जिसमें आरोपी आफताब के हाथ में एक बैग नजर आ रहा है. ऐसी आशंका व्यक्त की जा रही है कि आफताब श्रद्धा के शव के टुकड़ों को ठिकाना लगाने जा रहा था तब वह इस सीसीटीवी में कैद हो गया.

-दो दिन पहले दिल्ली की एक अदालत ने नगर पुलिस को निर्देश दिया है कि महरौली हत्याकांड के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला का नार्को टेस्ट पांच दिन के अंदर पूरा करा लिया जाए. अदालत ने यह भी स्पष्ट तौर पर कहा है कि आफताब के विरुद्ध किसी ‘थर्ड डिग्री’ उपाय का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए.

-पुलिस की मानें तो आफताब लगातार अपने बयान बदल रहा था, जिसके बाद अदालत ने ‘ट्रुथ सीरम टेस्ट’ कराने की मंजूरी दे दी.

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-इस बीच डेटिंग ऐप ‘बंबल’ जिस पर आफताब और श्रद्धा की मुलाकात हुई थी, उसकी ओर से भी एक बयान जारी किया गया है. ऐप की ओर से कहा गया है कि घटना ‘‘अक्षम्य अपराध” है.

-जब श्रद्धा आरोपी के साथ मुंबई के पास उनके गृहनगर वसई में रहती थी, तब व्हाट्सएप चैट से उसके साथ हुए दुर्व्यवहार के बारे में जानकारी सामने आयी है. श्रद्धा की चोट के निशान वाली 2020 से पहले की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल है.

-जांच में जुटी पुलिस का कहना है कि आफताब के फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा ताकि उन लोगों की पहचान की जा सके जो श्रद्धा की हत्या के बाद उसके संपर्क में थे. ‘डिलीट’ किये गये डाटा को फिर से हासिल करने का प्रयास किया जाएगा.

-सूत्रों ने बताया कि पुलिस के हाथ अब तक कुछ हड्डियां लगी हैं. पुलिस को अभी तक हड्डियां ही मिलीं हैं जो प्रथम दृष्टया मानव अस्थि जैसी लगती हैं.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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