Shashi Tharoor : महिला आरक्षण कानून में संशोधनों को संसद की स्वीकृति दिलाने के लिए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है. इस विशेष सत्र में महिला आरक्षण कानून में संशोधन किए जाने की संभावना है. संशोधनों से पहले शनिवार को कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि प्रस्तावित संशोधनों को राजनीतिक औजार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए, जो देश के संघीय ढांचे को कमजोर करे और संसद की जीवंतता को प्रभावित करे.
राजनीतिक लाभ के लिए बुलाया जा रहा है संसद का विशेष सत्र
शशि थरूर ने एक्स पर एक पोस्ट लिखा है जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 2029 के आम चुनावों से पहले होने वाले परिसीमन के को देखते हुए राज्य चुनावों से पहले राजनीतिक लाभ लेने के लिए संसद का विशेष सत्र बुला रही है.उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन यह आरक्षण ऐसा होना चाहिए, जो समाज के हर वर्ग तक पहुंचे.
कांग्रेस महिला आरक्षण का समर्थक
थरूर ने कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक से अपनी तस्वीरें साझा करते हुए लिखा-हालांकि कांग्रेस हमेशा से 33 प्रतिशत आरक्षण की समर्थक रही है और 2013 में राज्यसभा में विधेयक पेश करने और उसे पारित कराने वाली पहली पार्टी भी रही है, लेकिन मौजूदा सरकार का दृष्टिकोण गंभीर चिंता का विषय है. कांग्रेस की यह बैठक संसद के तीन दिवसीय सत्र से कुछ दिन पहले हुई. इस दौरान सरकार 2029 के संसदीय चुनावों से पहले कानून को लागू करने और लोकसभा सीट की संख्या बढ़ाकर 816 करने के लिए विधेयक लाएगी, जिनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी.
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