होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव से दुनिया भर के शिपिंग रूट प्रभावित हो रहे हैं. इसी बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि भारत के लिए इसमें एक मौका भी छिपा है. उन्होंने बताया कि उनके तिरुवनंतपुरम क्षेत्र में स्थित विझिंजम पोर्ट (Vizhinjam Port) पर अचानक गतिविधि काफी बढ़ गई है.
थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि करीब 100 जहाज विझिंजम पोर्ट पर लाइन में हैं या रुकने की जगह ढूंढ रहे हैं. उनका कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में तनाव के चलते अब दुनिया की शिपिंग नजर उनके इलाके पर आ गई है. उन्होंने इसे भारत के लिए बड़ा अवसर बताया है.
देश का पहला डीप-वॉटर ट्रांसशिपमेंट हब है विझिंजम पोर्ट
विझिंजम पोर्ट देश का पहला डीप-वॉटर ट्रांसशिपमेंट हब है और हाल के महीनों में तेजी से आगे बढ़ा है. थरूर के मुताबिक, इस पोर्ट ने रिकॉर्ड समय में 10 लाख TEU (Twenty-Foot Equivalent Unit) का आंकड़ा पार किया और अब फेज-2 का काम भी तेजी से चल रहा है. मार्च 2026 में ही यहां 61 जहाज संभाले गए, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है.
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होर्मुज स्ट्रेट में हो रही परेशानी की वजह से कंपनियां अब सुरक्षित और भरोसेमंद रास्ते ढूंढ रही हैं. थरूर के मुताबिक, इस बदलते हालात में विझिंजम पोर्ट तेजी से एक मजबूत और भरोसेमंद विकल्प बनकर उभर रहा है.
कभी इस प्रोजेक्ट पर काफी शक किया जाता था : थरूर
उन्होंने कहा कि अब यह पोर्ट दुनिया के लिए भारत का बड़ा ट्रांसशिपमेंट हब बन चुका है. थरूर ने उन दिनों को याद किया कि जब उन्होंने इसका टेंडर लाने में मदद की थी, तब लोग इसे शक की नजर से देखते थे. शुरुआती दिनों को याद करते हुए थरूर ने कहा कि कभी इस प्रोजेक्ट पर काफी शक किया जाता था. अब यह बदलकर एक बेहद अहम समुद्री एसेट बन चुका है, जो भारत के लिए रणनीतिक तौर पर काफी महत्वपूर्ण है.
