भारत मंडपम, नई दिल्ली

Video: BRICS पर शशि थरूर का बयान- पश्चिम विरोधी मंच बनना भारत के हित में नहीं

BRICS Summit को लेकर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा है कि ब्रिक्स को पश्चिम-विरोधी मंच नहीं बनना चाहिए. थरूर ने कहा कि भारत को Global South की आवाज उठाने के साथ अपने राष्ट्रीय हितों और चीन जैसे देशों के साथ संबंधों पर भी सावधानी से आगे बढ़ना होगा.

BRICS Summit 2026: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने कहा है कि BRICS को पश्चिम से अलग, लेकिन पश्चिम विरोधी नहीं मंच बने रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि कुछ सदस्य देश इसे पश्चिम-विरोधी भू-राजनीतिक मंच के रूप में देखने में सहज हैं, लेकिन यह भारत के राष्ट्रीय हित में नहीं होगा.

भारत की खास जिम्मेदारी

शशि थरूर ने कहा कि ब्रिक्स समिट की मेजबानी भारत के लिए प्रतिष्ठा की बात है. उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के तौर पर भारत को ग्लोबल साउथ की चिंताओं को सामने रखने के साथ अपने राष्ट्रीय हितों का भी ध्यान रखना होगा.

चीन से ज्यादा लचीलेपन की उम्मीद

भारत-चीन संबंधों पर थरूर ने कहा कि 2020 के गलवान घटनाक्रम के बाद रिश्ते खराब हुए. उन्होंने चीन पर सीमा की स्थिति बदलने और व्यापार को दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. थरूर ने कहा कि भारत चीन की ओर से अधिक लचीलापन, समझ और मित्रता की उम्मीद करता है.

ग्लोबल साउथ के लिए अहम मंच

थरूर ने ब्रिक्स को ग्लोबल साउथ के लिए महत्वपूर्ण मंच बताते हुए कहा कि इसके 11 सदस्य देश दुनिया की आबादी के बहुमत और वैश्विक GDP के बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं. साथ ही उन्होंने माना कि विभिन्न मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच साझा दृष्टिकोण और संयुक्त घोषणा तैयार करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

Also Read: भारत-रूस दोस्ती की दिखी गर्मजोशी, द्विपक्षीय वार्ता के बाद एक ही कार से INNOPROM पहुंचे पीएम मोदी और पुतिन

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By प्रीतीश सहाय

प्रीतीश सहाय पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है और अपने करियर की शुरुआत इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से की है. टीवी पत्रकारिता में काम करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया और पिछले सात वर्षों से प्रभात खबर डॉट कॉम से जुड़े हुए हैं.

राजनीति, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल हैं. इसके साथ ही वे मौसम, रेलवे, सरकारी योजनाओं, जन-उपयोगी खबरों और समसामयिक मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं. विज्ञान, अंतरिक्ष और ब्रह्मांड से जुड़े विषयों में उनकी विशेष दिलचस्पी है और इन जटिल विषयों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं.

टीवी और डिजिटल, दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव उनकी पत्रकारिता को व्यापक दृष्टिकोण देता है. खबरों की तथ्यपरकता, आधिकारिक स्रोतों की पुष्टि और आम पाठकों के लिए उपयोगी जानकारी को सरल तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली का अहम हिस्सा है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >