BRICS Summit 2026: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने कहा है कि BRICS को पश्चिम से अलग, लेकिन पश्चिम विरोधी नहीं मंच बने रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि कुछ सदस्य देश इसे पश्चिम-विरोधी भू-राजनीतिक मंच के रूप में देखने में सहज हैं, लेकिन यह भारत के राष्ट्रीय हित में नहीं होगा.
भारत की खास जिम्मेदारी
शशि थरूर ने कहा कि ब्रिक्स समिट की मेजबानी भारत के लिए प्रतिष्ठा की बात है. उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के तौर पर भारत को ग्लोबल साउथ की चिंताओं को सामने रखने के साथ अपने राष्ट्रीय हितों का भी ध्यान रखना होगा.
चीन से ज्यादा लचीलेपन की उम्मीद
भारत-चीन संबंधों पर थरूर ने कहा कि 2020 के गलवान घटनाक्रम के बाद रिश्ते खराब हुए. उन्होंने चीन पर सीमा की स्थिति बदलने और व्यापार को दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. थरूर ने कहा कि भारत चीन की ओर से अधिक लचीलापन, समझ और मित्रता की उम्मीद करता है.
ग्लोबल साउथ के लिए अहम मंच
थरूर ने ब्रिक्स को ग्लोबल साउथ के लिए महत्वपूर्ण मंच बताते हुए कहा कि इसके 11 सदस्य देश दुनिया की आबादी के बहुमत और वैश्विक GDP के बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं. साथ ही उन्होंने माना कि विभिन्न मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच साझा दृष्टिकोण और संयुक्त घोषणा तैयार करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.