संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (7 अगस्त) को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, करीब एक घंटे तक चली इस बैठक ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिय. उधर, विपक्ष लगातार छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर सदन में चर्चा की मांग कर रहा है, जबकि सरकार अपने रुख पर कायम है.
विपक्ष की मांग पर अड़ा सदन
विपक्ष का कहना है कि 20 जुलाई को संसद मार्च कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह सदन में जवाब दें. इसी के साथ राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित चोरी के आरोपों पर भी विस्तृत चर्चा कराई जाए. इन मांगों को लेकर विपक्ष लगातार हंगामा कर रहा है, जिसके कारण लोकसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है.
यह पहली बार नहीं है जब संसद में गतिरोध के दौरान सत्ता पक्ष के शीर्ष नेताओं और लोकसभा अध्यक्ष के बीच अहम बैठक हुई हो. इससे पहले 2023 और 2024 के कई संसदीय सत्रों में भी विपक्ष के हंगामे के बीच सरकार और स्पीकर के बीच लगातार बैठकें हुई थीं. मणिपुर हिंसा, सुरक्षा चूक, महंगाई और अन्य विवादित मुद्दों पर भी संसद लंबे समय तक नहीं चल सकी थी. ऐसे समय में हुई बैठकों के बाद कई बार गतिरोध खत्म हुआ, जबकि कई बार टकराव और बढ़ गया.
क्या निकलेगा गतिरोध का समाधान?
अमित शाह और ओम बिरला की इस मुलाकात को संसद की आगे की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि बैठक के बाद किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई. अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार विपक्ष की मांगों पर चर्चा के लिए तैयार होती है या फिर संसद का गतिरोध आने वाले दिनों में और गहरा जाएगा.
ये भी पढ़ें: मोरबी के कुएं में उठीं रहस्यमयी लहरें, चमत्कार या विज्ञान? जांच से खुलेगा असली राज
