विनोद दुआ पर राजद्रोह का दर्ज FIR निरस्त, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- पत्रकार को कानूनी सुरक्षा का अधिकार

विनोद हुआ पर यह मामला हिमाचल प्रदेश के शिमला में दर्ज कराया गया था. दुआ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में टिप्पणी की थी. इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था जिसमें यह फैसला आ गये.

सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार विनोद दुआ को बड़ी राहत दी है. विनोद दुआ पर दर्ज हुई राजद्रोह की FIR को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया . सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी कहा कि पत्रकार कानूनी रूप से सुरक्षा मिलने का अधिकार रखता है.

विनोद हुआ पर यह मामला हिमाचल प्रदेश के शिमला में दर्ज कराया गया था. दुआ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में टिप्पणी की थी. इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था जिसमें यह फैसला आ गये.

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दुआ ने इस मामले में एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी साथ ही यह भी कहा था कि राजद्रोह के मामले में एक कमेटी को जांच के आदेश दिये जाने चाहिए. इस पूरे मामले में अदालत ने केदारनाथ सिंह के मामले का भी जिक्र किया उन्होंने कहा, ऐसी धाराएं तब लगानी चाहिए जब शांति बिगाड़ने की कोशिश की गयी हो.

विनोद दुआ पर आरोप लगाये गये थे कि यूट्यूब पर आये शो ‘विनोद दुआ शो’ के दौरान पत्रकार ने जो टिप्पणी की थीं, वो सांप्रदायिक नफरत फैलाने और शांति भंग कर सकती थी. यूट्यूब पर इस कार्यक्रम को 30 मार्च 2020 को प्रसारित किया गया था.

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बीजेपी नेता अजय श्याम ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराया था. उनके खिलाफ IPC सेक्शन 124A, सेक्शन 268 (सार्वजनिक उपद्रव), सेक्शन 501 (अपमानजनक चीजें छापना) और सेक्शन 505 के तहत मामला दर्ज किया गया था.

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