‘आत्महत्या के लिए मजबूर करना भी हत्या’, ‘आप’ कार्यकर्ता के सुसाइड पर बोली भाजपा

आम आदमी पार्टी यानी आप के कार्यकर्ता संदीप भारद्वाज की आत्महत्या पर पार्टी का बयान सामने आया है. भाजपा ने मामले पर गंभीर आरोप लगाये हैं और इसे एमसीडी चुनाव से जोड़ा है.

आम आदमी पार्टी (आप) के एक कार्यकर्ता संदीप भारद्वाज ने गुरुवार को आत्महत्या कर ली. इसको लेकर अब राजनीति गरम है. भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा है कि मेरे हिसाब से यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है. वह टिकट के दावेदार थे. जिस तरह के सबूत सामने आ रहे यह किसी भी तरह से आत्महत्या का मामला नहीं लग रहा है. उन्होंने कहा कि संदीप भारद्वाज जिस सीट से(चुनाव) लड़ने वाले थे उस टिकट को बेच दिया गया. आत्महत्या के लिए मजबूर करना भी हत्या के समान होता है.

इधर दिल्ली पुलिस की ओर से कहा गया है कि ‘आप’ के एक कार्यकर्ता संदीप भारद्वाज ने कल अपने आवास पर आत्महत्या कर ली. सीआरपीसी की धारा 174 के तहत पूछताछ की कार्रवाई की जा रही है. वह आम आदमी पार्टी के ट्रेड विंग, दिल्ली के सचिव थे और राजौरी गार्डन में भारद्वाज मार्बल्स के मालिक थे.


आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया

आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता संदीप भारद्वाज की आत्महत्या पर पार्टी का बयान सामने आया है. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और आप नेता मनीष सिसोदिया ने कहा है कि जो आरोप लगाये जा रहे हैं वो सरासर गलत है. एमसीडी चुनाव और टिकट वितरण की बात जो कही जा रही है, वो गलत है. उन्होंने कहा कि संदीप भारद्वाज की मौत पार्टी के लिए बड़ी क्षति है. वो मेरे बहुत करीब थे और ट्रेड विंग में वो महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे.

Also Read: AAP पार्टी के कार्यकर्ता संदीप भारद्वाज ने अपने आवास पर की आत्महत्या, सीएम केजरीवाल ने जताया शोक
घर में फांसी पर लटके पाये गये थे संदीप भारद्वाज

यहां चर्चा कर दें कि आप नेता का शव पश्चिमी दिल्ली के राजौरी गार्डन इलाके में स्थित उनके आवास में गुरुवार को मिला था. शव फंदे पर लटका मिला था. पुलिस ने शव कब्जे में लेने के बाद कहा कि आप के मजदूर प्रकोष्ठ के सचिव संदीप भारद्वाज (55) को उनके एक दोस्त कुकरेजा अस्पताल ले गये. पश्चिमी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त घनश्याम बंसल ने कहा कि पुलिस को अस्पताल से सूचना मिली कि राजौरी गार्डन निवासी संदीप भारद्वाज को उनके आवास से मृत लाया गया है.

पुलिस ने जो जानकारी दी है उसके अनुसार, मृतक संदीप भारद्वाज संगमरमर समेत अन्य पत्थरों का कारोबार करते थे. वह तलाकशुदा थे जो अपनी दो बेटियों और एक बेटे के साथ रहते थे.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Amitabh kumar

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : amitabh.kumar@prabhatkhabar.in

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >