Sambhal Survey Report: संभल जामा मस्जिद की सर्वे रिपोर्ट कोर्ट में पेश, सील बंद लिफाफे किया गया जमा

Sambhal Survey Report: संभल की शाही जामा मस्जिद की सर्वे रिपोर्ट को एडवोकेट कमिश्नर रमेश राघव ने कोर्ट में पेश किया है. रिपोर्ट को सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य सिंह की कोर्ट में पेश किया गया है. रिपोर्ट को तब तक सार्वजनिक नहीं किया जाएगा जब तक सुप्रीम कोर्ट का निर्देश नहीं आता है.

Sambhal Survey Report: उत्तर प्रदेश के संभल में जामा मस्जिद और हरिहर मंदिर विवाद के बीच गुरुवार को एडवोकेट कमिश्नर की सर्वे रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी गई है. 40 पन्नों की रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इसे सील बंद लिफाफे में जमा किया गया है. बता दें, बीते साल 19 से 24 नवंबर के बीच शाही जामा मस्जिद का सर्वे किया गया था. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जो रिपोर्ट को लेकर जो बात सामने आ रही है उसके मुताबिक मस्जिद के अंदर दो वट वृक्ष मिले हैं. मस्जिद में कुआं भी है, जिसके बाहर वाले हिस्से को ढक दिया गया है.

शाही जामा मस्जिद की सर्वे रिपोर्ट

संभल की शाही जामा मस्जिद की सर्वे रिपोर्ट को एडवोकेट कमिश्नर रमेश राघव ने कोर्ट में पेश किया है. रिपोर्ट को सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य सिंह की कोर्ट में पेश किया गया है. अब रिपोर्ट को तब तक सार्वजनिक नहीं किया जाएगा जब तक सुप्रीम कोर्ट का निर्देश नहीं आता है. बता दें, जामा मस्जिद और हरिहर मंदिर विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है. इस बीच कोर्ट ने सर्वे रिपोर्ट को सील बंद लिफाफे में जमा कराने का आदेश दिया था.

सर्वे के दौरान हुई थी हिंसा

बता दें शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान संभल में हिंसा भी भड़क गई थी. पुलिस पर उपद्रवियों ने पथराव भी कर दिया था. बवाल में कई लोगों की जान चली गई थी. इस मामले में अब तक 40 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. हिंसा की जांच अभी भी जारी है. दरअसल मस्जिद की जांच के दौरान असामाजिक तत्वों ने पुलिस पर पथराव कर दिया था. गोलीबारी भी हुई थी. इसके अलावा कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था. अब पुलिस आरोपियों की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर रही है.

Also Read: Amit Shah on Pok: ‘कश्मीर का नाम ऋषि कश्यप के नाम से हो सकता है’, अमित शाह ने PoK को लेकर कह दी बड़ी बात

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >