नयी दिल्ली : मालेगांव में हुए 2008 के बम विस्फोट मामले में आरोपित भोपाल की सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर दिसंबर माह में दूसरी बार मुंबई में विशेष एनआईए अदालत में पेश नहीं हो सकीं. साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के अधिवक्ता का कहना है कि उन्हें शुक्रवार को दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती कराया गया था, जिस कारण वह अदालत में उपस्थित नहीं हो सकीं. बताया जाता है कि सांस लेने की तकलीफ के कारण उन्हें दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया है.
2008 मालेगांव विस्फोट कांड मामले की सुनवाई कर रही मुंबई की विशेष एनआईए कोर्ट ने सभी आरोपितों को चार जनवरी को अदालत के समक्ष उपस्थित होने का आदेश दिया है. मालूम हो कि इससे पहले तीन दिसंबर को प्रज्ञा ठाकुर को पेश होना था. लेकिन, उस समय भी प्रज्ञा ठाकुर समेत चार आरोपित अदालत में पेश नहीं हो सके थे.
मुंबई की विशेष एनआईए अदालत के न्यायाधीश पीआर सितरे ने दिसंबर के पहले सप्ताह में तीन तारीख को भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर समेत सभी आरोपितों को पेश होने का निर्देश दिया था. लेकिन, प्रज्ञा ठाकुर, रमेश उपाध्याय, सुधाकर द्विवेदी और सुधाकर चतुर्वेदी अदालत में पेश नहीं हुए थे. हालांकि, लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित, समीर कुलकर्णी और अजय राहिकर अदालत में पेश हुए थे.
पेश नहीं होनेवाले आरोपितों के अधिवक्ताओं ने कोविड-19 की स्थिति के कारण अदालत में पेश नहीं होने का कारण बताया था. इसके बाद अदालत ने 19 दिसंबर को सभी आरोपितों को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया था. अब इसी माह लगातार दूसरी बार प्रज्ञा ठाकुर दिल्ली एम्स में भर्ती होने के कारण अदालत में पेश नहीं हो सकीं.
मालूम हो कि महाराष्ट्र के मुंबई से करीब 200 किलोमीटर दूर मालेगांव में 29 सितंबर, 2008 को एक मस्जिद के पास एक मोटरसाइकिल में रखी विस्फोटक सामग्री में धमाका हो गया था. इस धमाके में छह लोगों की मौत हो गयी थी, वहीं सौ से अधिक लोग घायल हो गये थे. साल 2018 में प्रज्ञा ठाकुर समेत सात आरोपितों के खिलाफ आतंकरोधी धाराओं में मामला दर्ज किया गया था. मामले की जांच एनआईए कर रही है.
