एस जयशंकर के बयान पर भड़की कांग्रेस, बताया- सबसे असफल विदेश मंत्री

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने एस जयशंकर को सबसे असफल विदेश मंत्री करार देते हुए कहा, विदेश मंत्री ने एक साक्षात्कार में कहा, हम छोटी अर्थव्यवस्था हैं और वे (चीन) बड़ी अर्थव्यवस्था हैं. हम उनके साथ लड़ाई करते हैं. उसका क्या मतलब है? किसी विदेश मंत्री का यह सबसे निंदनीय बयान है.

विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयान पर कांग्रेस ने भारी नाराजगी जाहिर की है. प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने उन्हें सबसे असफल विदेश मंत्री करार दिया है. दरअसल जयशंकर ने भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर गंभीर आरोप लगाया था. न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में उन्होंने कहा था कि 1962 में कांग्रेस के शासनकाल में ही चीन ने भारत की जमीन पर कब्जा किया था.

कांग्रेस ने जयशंकर को बताया सबसे असफल विदेश मंत्री

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने एस जयशंकर को सबसे असफल विदेश मंत्री करार देते हुए कहा, विदेश मंत्री ने एक साक्षात्कार में कहा, हम छोटी अर्थव्यवस्था हैं और वे (चीन) बड़ी अर्थव्यवस्था हैं. हम उनके साथ लड़ाई करते हैं. उसका क्या मतलब है? किसी विदेश मंत्री का यह सबसे निंदनीय बयान है.

एस जयशंकर ने क्या दिया था बयान

दरअसल विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एएनआई के साथ बातचीत में कहा था कि मैं बताना चाहता हूं कि चीन ने 1962 में हमारी जमीन के एक टुकड़े पर कब्जा कर लिया था और अब आप (विपक्ष) 2023 में मोदी सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि चीन उस जमीन पर ब्रिज बना रहा है जिस पर चीन ने 1962 में कब्जा कर लिया था.

राहुल गांधी को चीन पर ज्ञान होगा तो मैं उनसे भी सीखने के लिए तैयार हूं: विदेश मंत्री

विदेश मंत्री ने कहा, मैं सबसे लंबे समय तक चीन का राजदूत रहा और बॉर्डर मु्द्दों को डील कर रहा था. मैं ये नहीं कहूंगा कि मुझे सबसे अधिक ज्ञान है मगर मैं इतना कहूंगा कि मुझे इस(चीन) विषय पर काफी कुछ पता है. अगर राहुल गांधी को चीन पर ज्ञान होगा तो मैं उनसे भी सीखने के लिए तैयार हूं.

मेरे पिता को इंदिरा गांधी ने सचिव पद से हटा दिया था : जयशंकर

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, मेरे पिता सरकारी अधिकारी थे और वो 1979 में जनता सरकार में सचिव बने थे लेकिन उन्हें सचिव पद से हटा दिया गया था. 1980 में वे रक्षा उत्पादन सचिव थे. जब इंदिरा गांधी दोबारा चुनी गईं थीं तब उन्होंने उनको पद से हटा दिया था. वे काफी ज्ञानी थे, शायद यही दिक्कत थी.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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