Stranded Indians In Ukraine यूक्रेन संकट को लेकर मंगलवार को हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक के बारे में जानकारी देते हुए विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि अगले तीन दिन में भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए 26 उड़ानें निर्धारित की गई है. उन्होंने कहा कि बुखारेस्ट और बुडापेस्ट के अलावा पोलैंड और स्लोवाक गणराज्य में एयरपोर्ट का उपयोग भी निकासी उड़ानों के संचालन के लिए किया जाएगा.
भारतीय नागरिकों ने छोड़ दिया कीव
विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि हमने जब अपनी पहली एडवाइजरी जारी की थी. उस समय यूक्रेन में लगभग 20,000 भारतीय छात्र थे. तब से लगभग 12,000 छात्र यूक्रेन छोड़ चुके हैं. बाकी बचे 40 फीसदी छात्रों में से लगभग आधे संघर्ष क्षेत्र में हैं और आधे यूक्रेन के पश्चिमी बॉर्डर पर पहुंच गए हैं या उसकी तरफ बढ़ रहे हैं. विदेश सचिव ने कहा कि हमारे सब नागरिकों ने कीव छोड़ दिया है, हमारे पास जो जानकारी है उसके मुताबिक कीव में हमारे और नागरिक नहीं हैं. वहां से हमें किसी ने संपर्क नहीं किया है.
जल्द से जल्द भारतीय नागरिकों को संघर्ष क्षेत्र से बाहर निकाला जाएगा
हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि हम जल्दी से जल्दी अपने नागरिकों को संघर्ष क्षेत्र से बाहर निकालेंगे और नवीन शेखरप्पा की बॉडी वापस लाएंगे. उन्होंने कहा कि हम इसे लेकर लोकल अथॉरिटी के संपर्क में हैं. विदेश सचिव ने कहा कि पीएम मोदी ने खारकीव में भारतीय नागरिक की मौत पर गहरी पीड़ा जतायी है. यूक्रेन में खारकीव, सूमी और अन्य संघर्ष क्षेत्रों की स्थिति को लेकर हम बहुत चिंतित हैं. विदेश सचिव ने कहा कि वायुसेना का एक सी-17 विमान भारतीयों को वापस लाने के लिए बुधवार तड़के चार बजे रोमानिया के लिए उड़ान भर सकता है.
