'I-N-D-I-A' गठबंधन को लेकर पंजाब कांग्रेस में बवाल, भड़के बाजवा, कहा- AAP का चेहरा देखने को भी तैयार नहीं

पंजाब कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा है कि पंजाब में उनकी पार्टी और आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा. कांग्रेस नेता बाजवा ने कहा कि उन्होंने पंजाब में पार्टी के कैडर और नेताओं के रुख के बारे में केंद्रीय नेतृत्व को पहले ही सूचित कर दिया है.

एनडीए के खिलाफ विपक्षी महागठबंधन इंडिया (I-N-D-I-A)को लेकर विपक्षी नेता मिशन 2024 की रणनीति बनाने में जुटे हैं. इस बीच पंजाब कांग्रेस में महागठबंधन को लेकर खासा बवाल मचा हुआ है. विपक्षी महागठबंधन इंडिया में आम आदमी पार्टी को शामिल किये जाने से पंजाब कांग्रेस के कई नेताओं हंगामा कर रहे हैं. उनका कहना है कि वो विपक्षी आम आदमी पार्टी के साथ किसी तरह का गठबंधन नहीं होना चाहिए. पंजाब कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने साफ तौर पर कह दिया है कि पंजाब में कांग्रेस आम आदमी पार्टी के साथ किसी तरह का समझौता नहीं करेगी.

आम आदमी पार्टी के साथ कोई गठबंधन नहीं- कांग्रेस
पंजाब कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा है कि पंजाब में उनकी पार्टी और आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा. कांग्रेस नेता बाजवा ने कहा कि उन्होंने पंजाब में पार्टी के कैडर और नेताओं के रुख के बारे में केंद्रीय नेतृत्व को पहले ही सूचित कर दिया है. बाजवा की यह प्रतिक्रिया पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वाडिंग के उस बयान के एक दिन बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी राज्य में सार्वजनिक मुद्दों पर सत्तारूढ़ आप के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी.

AAP के खिलाफ पंजाब कांग्रेस
वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने साफ कर दिया है कि पंजाब कांग्रेस आप के साथ कभी काम नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की प्रदेश इकाई सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के साथ हाथ नहीं मिलाएगी. बाजवा ने कहा कि उन्होंने अपने फैसले के बारे में दिल्ली में पार्टी नेतृत्व को भी सूचित कर दिया है. बाजवा ने कहा, हम उनका चेहरा भी देखने को तैयार नहीं हैं और आप गठबंधन की बात कर रहे हैं. उनके साथ गठबंधन में कौन प्रवेश करेगा… वे पंजाब विरोधी हैं. बाजवा ने कहा कि बाढ़ से निपटने को लेकर भगवंत मान की सरकार ने बेहद खराब तैयारियां की थी.

गौरतलब है कि देश में अगले साल लोकसभा चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में बीजेपी को हराने के लिए कई राजनीतिक दल मिलकर एक महागठबंधन बना रहे हैं. बीते 17 और 18 जुलाई को बेंगलुरु में विपक्षी एकता को लेकर कांग्रेस समेत कई 26 राजनीतिक दलों ने दो दिनों की बैठक की थी. बैठक में विपक्षी दलों ने महागठबंधन का नाम  इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव एलायंस इंडिया (I-N-D-I-A) रखा है. विपक्ष की ओर से दावा किया जा रहा है कि अगले लोकसभा चुनाव में विपक्षी एकता के आगे बीजेपी ठहर नहीं पाएगी. वहीं, विपक्षी दल चुनाव में सीट शेयरिंग पर भी चर्चा कर रही  है.

महागठबंधन I-N-D-I-A को लेकर बवाल
लोकसभा चुनाव में बीजेपी को शिकस्त देने के लिए तमाम विपक्षी दलों ने इंडिया नाम से नये गठबंधन की घोषणा तो कर दी है, लेकिन अब इस नाम को लेकर विवाद भी शुरू हो गया है. बीजेपी ने इस नाम पर घोर आपत्ति दर्ज कराई है, तो विपक्षी पार्टियों में भी इस नाम पर विवाद बढ़ता जा रहा है. कांग्रेस और बीजेपी में इसको लेकर वाद-विवाद जारी है. राहुल गांधी ने कहा, अब लड़ाई ‘इंडिया और नरेंद्र मोदी’ के बीच है. दूसरी ओर बीजेपी नेता और असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने विपक्षी दलों के गठबंधन के नये नाम पर कटाक्ष करते हुए दावा किया कि अंग्रेजों ने देश का नाम ‘इंडिया’ रखा था.

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जीत को लेकर आश्वस्त है विपक्ष!
विपक्षी दलों ने एकता की नई इबारत लिखी तो इसके नेता जीत के दावे भी करने लगे. इसी कड़ी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि अब लड़ाई इंडिया और नरेंद्र मोदी के बीच है. उन्होंने यह भी कहा कि यह बताने की जरूरत नहीं है कि जीत किसकी होगी. हालांकि जीत का दावा बीजेपी भी कर रही है. विपक्षी एकता पर कटाक्ष करते हुए बीजेपी का कहना है कि गठबंधन को नया नाम देने से उनका चरित्र नहीं बदलेगा और 2024 के लोकसभा चुनाव की लड़ाई भारत माता बनाम इंडिया होने जा रही है. इसी कड़ी में असम के सीएम हिमंत बिस्व  सरमा ने कहा बीते दिनों कहा था कि हमारा सभ्यतागत संघर्ष इंडिया और भारत के आसपास केंद्रित है. अंग्रेजों ने हमारे देश का नाम इंडिया रखा है. हमें औपनिवेशिक विरासतों से खुद को मुक्त करने का प्रयास करना चाहिए.

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Author: Pritish Sahay

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