मोहन भागवत के 'असली स्वतंत्रता' वाले बयान पर बवाल, राहुल ने बताया राजद्रोह, NSUI का उग्र प्रदर्शन

Mohan Bhagwat Independence Remarks : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के स्वतंत्रता को लेकर दिए बयान पर भारी बवाल मचा है. NSUI के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली उग्र प्रदर्शन किया है. जबकि कांग्रेस भागवत के बयान पर नाराजगी जताई है.

Mohan Bhagwat Independence Remarks : RSS पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने भारी बवाल किया. कार्यकर्ताओं ने कार्यालय से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास की ओर मार्च करने की कोशिश की. जिसके बाद पुलिस ने एनएसयूआई के सदस्यों को हिरासत में ले लिया. वे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के ‘स्वतंत्रता’ संबंधी बयान के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे.

राहुल गांधी ने मोहन भागवत के बयान को राजद्रोह करार दिया

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के स्वतंत्रता वाले बयान की कड़ी निंदा की. राहुल ने बयान को राजद्रोह के समान बताया. राहुल गांधी ने कहा, “भागवत ने जो कहा है वह राजद्रोह के समान है क्योंकि उनके कहने का मतलब है कि संविधान अवैध है, अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई अवैध है. किसी दूसरे देश में तो अब तक उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता और उन पर मुकदमा चलाया जाता.” उन्होंने कहा कि भागवत का यह बयान हर भारतीय का अपमान है.

मोहन भागवत ने क्या दिया था बयान?

मोहन भागवत ने सोमवार को कहा था कि अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तिथि ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ के रूप में मनाई जानी चाहिए क्योंकि अनेक सदियों से दुश्मन का आक्रमण झेलने वाले देश को सच्ची स्वतंत्रता इस दिन मिली थी.

मोहन भागवत को इतिहास पढ़ने की जरूरत : टीएस सिंह देव

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव ने कहा, “उन्हें अपना इतिहास पढ़ने की जरूरत है.”

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संघ परिवार लोगों को बांट रहा : वीडी सतीसन

कांग्रेस नेता वीडी सतीसन कहते हैं, “आरएसएस यह बात कहता रहा है कि वे भारत के विचार के खिलाफ हैं. उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया था. दुर्भाग्य से, आरएसएस एक ऐसे विचार का अनुसरण कर रहा है जो भारत में समाज में विभाजन पैदा कर रहा है. वे लोगों के बीच इस विभाजन का फायदा उठा रहे हैं. संघ परिवार लोगों को बांट रहा है. उनका नफ़रत भरा अभियान चल रहा है.”

वेणुगोपाल ने भागवत को राष्ट्र विरोधी बताया

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा- “मोहन भागवत का बयान पूरी तरह से राष्ट्र विरोधी है. आप जानते हैं कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में हजारों भारतीयों ने अपने प्राणों की आहुति दी है. मोहन भागवत ने कहा कि भारत को 1947 में स्वतंत्रता नहीं मिली. उन्होंने महात्मा गांधी सहित भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों का अपमान किया है. यह राष्ट्र विरोधी बयान था.”

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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