RG Kar Case : सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर से दुष्कर्म और उसकी हत्या के दोषी संजय रॉय को सोमवार को सजा सुनाई जाएगी. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सजा सुनाने के लिए सोमवार को उसे कोर्ट लाया गया. संजय रॉय को सुबह करीब 10 बजकर 15 मिनट पर जेल से बाहर लाया गया. उसे अदालत लाने के दौरान पुलिस की कई गाड़ियां मौजूद रहीं. अदालत में करीब 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए हर संभव प्रयास किया गया. हालांकि अत्यधिक संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती के बावजूद कई लोग अदालत परिसर में नजर आए. कुछ लोग दोषी को देखने के लिए रेलिंग पर चढ़ने का प्रयास करते दिखे.
कोर्ट के सामने गिड़गिड़ाया संजय रॉय
आरजी कर दुष्कर्म-हत्या मामले में फैसला सुनाया जा रहा है. जज ने आरोपी संजय रॉय से कहा कि मैंने आपको पिछले दिन बताया था कि आप पर क्या आरोप लगाए गए हैं. इसपर आरोपी संजय ने जज से कहा, ‘मैंने कुछ नहीं किया है. न मैंने दुष्कर्म किया और न ही हत्या की. मुझे झूठा फंसाया जा रहा है. मैं निर्दोष हूं. मुझे प्रताड़ित किया गया. उन्होंने मुझसे जहां साइन करने को कहा मैंने किया. ‘
फांसी की सजा दी जाए : सीबीआई
कोर्ट में सीबीआई ने कहा कि कोलकाता कांड से देश हिल गया था. दोषी को फांसी की सजा दी जाए. दोषी और जांच एजेंसी सीबीआई को सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला दोपहर 2.45 बजे तक सुरक्षित रख लिया.
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मृतक डॉक्टर की मां ने उठाए सवाल
मृतक डॉक्टर की मां ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सीबीआई जांच पर निराशा व्यक्त की. उन्होंने आरोप लगाया कि अपराध में शामिल अन्य अपराधियों को न्याय के कठघरे में नहीं लाया गया. इसमें केवल एक व्यक्ति ही शामिल नहीं था, फिर भी सीबीआई अन्य को पकड़ने में विफल रही है. यदि हमें समाज में भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकना है तो ऐसे अपराधियों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए.
डॉक्टर की हत्या की जांच सीबीआई को सौंपी गई
नौ अगस्त 2024 को डॉक्टर से दुष्कर्म और उसकी हत्या की घटना ने देश भर में आक्रोश पैदा कर दिया था. लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन हुए थे. घटना के एक दिन बाद रॉय को गिरफ्तार कर लिया गया था. बाद में मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था. मामले की जांच करने के बाद जांच एजेंसी ने रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी थी.
