इस शोध से पता चला कैसे कोरोना वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता तेजी से होगी विकसित

एक नये अध्ययन में पता चला है कि नोवेल कोरोना वायरस संक्रमण के चलते सांस लेने में तकलीफ के लक्षणों से जूझ रहे रोगी वायरस पर हमला करने वाली टी कोशिकाओं के रूप में तेजी से रोग प्रतिरोधिक क्षमता विकसित कर सकते हैं .

लॉस एंजेलिस : एक नये अध्ययन में पता चला है कि नोवेल कोरोना वायरस संक्रमण के चलते सांस लेने में तकलीफ के लक्षणों से जूझ रहे रोगी वायरस पर हमला करने वाली टी कोशिकाओं के रूप में तेजी से रोग प्रतिरोधिक क्षमता विकसित कर सकते हैं .

इस अध्ययन से कोविड-19 का टीका बनाने में मदद मिल सकती है. ‘साइंस इम्यूनोलॉजी’ पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन में कोविड-19 के दस रोगियों की टी कोशिकाओं का मूल्यांकन किया गया. इस अनुसंधान में कई अनुसंधानकर्ताओं ने हिस्सा लिया, जिनमें अमेरिका के कैलफोर्निया विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ता भी शामिल हैं.

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उन्होंने कहा कि 10 में से दो स्वस्थ लोग, जो इससे पहले संक्रमण की चपेट में नहीं आए थे, उन्होंने भी सार्स-कोव-2 के खिलाफ टी कोशिकाएं विकसित कर लीं. इस अवलोकन के आधार पर, उन्होंने कहा कि हो सकता है कि ये टी कोशिकाएं नोवेल कोरोनोवायरस, सार्स-कोव-2 के खिलाफ इसलिये प्रतिक्रिया देती हैं, क्योंकि वे लोग अतीत में कभी कोरोना वायरस से संबंधित संक्रमण की चपेट में आए होंगे, जिनमें जुकाम जैसे लक्षण आम बात हैं.

Posted By – Pankaj Kumar Pathak

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