गणतंत्र दिवस 2026: परेड में डेब्यू करेंगे भैरव कमांडो और शक्तिबाण रेजिमेंट; झांकियों में दिखेगा आत्मनिर्भर भारत का 'शौर्य'

दिल्ली की गणतंत्र दिवस परेड में इस बार पहली बार दिखेगी लंबी दूरी तक मारक क्षमता वाली सूर्यास्त्र सिस्टम, भैरव लाइट कमांडो बटालियन और शक्तिबाण रेजिमेंट. झांकियों में ऑपरेशन सिंदूर और प्रकाश गंगा जैसे अट्रैक्शन प्रदर्शनों के साथ मॉडर्न सैन्य ताकत और क्लीन एनर्जी में भारत की प्रगति का जश्न मनाया जाएगा.

दिल्ली के कर्तव्य पथ पर 26 जनवरी को होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में इस बार कई नई और अनोखी चीजें देखने को मिलेंगी. पहली बार लंबी दूरी तक मारक क्षमता वाली रॉकेट लॉन्चर सिस्टम ‘सूर्यास्त्र’, हाल ही में बनाया गया भैरव लाइट कमांडो बटालियन, जांस्कर टट्टू और बैक्ट्रियन ऊंट परेड में शामिल होंगे.

अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि 61वीं कैवलरी के घुड़सवार जवान युद्ध के इक्विपमेंट साथ परेड में कदम रखेंगे. इसमें सेना के प्रमुख इक्विपमेंट और सामग्री भी दिखाई जाएगी, ताकि ‘चरणबद्ध युद्ध संरचना’ (युद्ध की प्लानिंग के हिसाब से सैनिकों की आगे बढ़ने की शैली) का प्रदर्शन हो सके.

इसके अलावा, पहली बार शक्तिबाण रेजिमेंट भी परेड में शामिल होगी. यह रेजिमेंट ड्रोन और ड्रोन-रोधी इक्विपमेंट्स से लैस है. दिल्ली के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल नवराज ढिल्लों के अनुसार, परेड में लगभग 6,000 रक्षाकर्मी भाग लेंगे.

भारतीय सेना की झांकी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित होगी

गणतंत्र दिवस पर भारतीय सेना की झांकी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित होगी. इसका मकसद भारत की गहराई तक हमला करने और तुरंत जवाब देने की क्षमता दिखाना है. इस झांकी में शामिल होंगे-ब्रहमोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का लॉन्च करता हुआ एसयू-30 एमकेआई विमान. एम777 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर तोप, जो सटीक मारक क्षमता वाली है. नौसेना के जहाज, जो समुद्री वर्चस्व दिखाएंगे.

अधिकारियों के अनुसार, तीनों सेनाओं की ये झांकियां भारत की निर्णायक, संयुक्त और आत्मनिर्भर सैन्य शक्ति का प्रमाण हैं. इस झांकी का नाम है ‘ऑपरेशन सिंदूर: संयुक्तता के माध्यम से विजय’, जो पिछले साल के अभियान में भारत की जीत और तीनों शाखाओं के कॉर्डिनेशन का जश्न मनाती है. झांकी में देश के एडवांस रक्षा इक्विपमेंट जैसे राफेल जेट, आकाश वायु रक्षा सिस्टम और एस-400 सिस्टम भी दिखाए जाएंगे.

प्रकाश गंगा झांकी: भारत की एनर्जी और विकास यात्रा

मिनिस्ट्री ऑफ पावर ने इस बार गणतंत्र दिवस परेड में ‘प्रकाश गंगा: आत्मनिर्भर और विकसित भारत को शक्ति देना’ विषय पर झांकी पेश की है.

इस झांकी में भारत की पावर क्षेत्र में प्रगति और क्लीन एनर्जी में लीडरशिप को दिखाया जाएगा. झांकी में दिखाया जाएगा कि कैसे भारत ने सभी को बिजली पहुंचाई, और कैसे देश वैश्विक लेवल पर क्लीन एनर्जी में आगे बढ़ रहा है.

मुख्य अट्रैक्शन में रोबोटिक स्मार्ट मीटर मॉडल और पवन टरबाइन जेनरेटर होंगे. यह दिखाता है कि डिजिटल टेकनीक और स्मार्ट सॉल्यूशन से बिजली का बेहतर मैनेजमेंट किया जा रहा है.

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एआई और स्मार्ट चश्मे से लैस होंगे जवान

इस बार परेड में सुरक्षा के लिए 30,000 से अधिक पुलिसकर्मी और पैरामिलिट्री फोर्स की 70 से ज्यादा कंपनियां तैनात की जाएंगी.

पहली बार सुरक्षा जवान स्मार्ट चश्मे पहनेंगे, जिनमें फेस रेकग्निशन सिस्टम (FRS) और थर्मल इमेजिंग होगी. ये चश्मे पुलिस के डेटाबेस से जुड़े होंगे. अगर कोई व्यक्ति संदिग्ध या अपराधी है, तो लाल बॉक्स दिखेगा, और यदि कोई सामान्य नागरिक है तो हरा बॉक्स दिखेगा.

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (नयी दिल्ली) देवेश कुमार महला के अनुसार, ये स्मार्ट चश्मे मोबाइल फोन से जुड़े रहेंगे और पुलिस को भीड़भाड़ वाले इलाकों में फौरन पहचान करने में मदद करेंगे.

मल्टी लेयर सुरक्षा: 6 स्तर की जांच और एआई कैमरे

परेड मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में 6 स्तर की जांच और तलाशी होगी. इसके अलावा, हजारों सीसीटीवी और एआई कैमरे लगाए जाएंगे. लगभग 4,000 स्थानों पर छत सुरक्षा चौकियां. परेड मार्ग में 500 उच्च-रिजॉल्यूशन एआई कैमरे. महला ने बताया कि 10,000 सुरक्षाकर्मी खास तौर पर नयी दिल्ली में तैनात होंगे. पुलिस अधिकारी हाई अलर्ट रहेंगे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देंगे.

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By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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