Real Color of Sun: पीला या सफेद? क्या है सूरज का असली रंग? अंतरिक्ष से कैसा दिखता है सूरज

Real Color of Sun: सुबह के समय सूर्य का लाल दिखाई देता है. दिन चढ़ने के साथ यह पीला होता चला जाता है. ऐसे में सवाल है कि सूर्य का असली रंग कौन सा है. कैसा दिखाई देता है सूर्य.

Real Color of Sun: हमारे सोलर सिस्टम का केंद्र सूर्य है. इसके चारों ओर पूरा सौर मंडल घूमता है. तमाम ग्रह और उनके उपग्रह रात दिन सूरज के चक्कर काटते रहते हैं. सूर्य सोलर सिस्टम का सबसे बड़ा गैस जायंट भी है. बीते करीब साढ़े चार अरब सालों से यह अनवरत जल रहा है. पृथ्वी से सुबह और शाम के समय सूर्य लाल रंग का दिखाई देता है. लेकिन, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी समेत कई अन्य साइंटिफिक रिसर्च में यह साफ हुआ है कि सूरज का रंग लाल या पीला नहीं है. सूरज का पीला रंग पृथ्वी के वातावरण की वजह से दिखाई देता है.

क्या है सूरज का असली रंग?

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट के अनुसार सूरज का असली रंग पीला, गुलाबी या कोई और नहीं है. सूरज का असली रंग सफेद है. जो हाइड्रोजन और हीलियम के बीच नाभिकीय रिएक्शन के कारण है. हालांकि, पृथ्वी के वायुमंडल के कारण सूर्य का रंग हमें पीला, लाल या नारंगी दिखाई देता है. जब सूर्योदय या सूर्यास्त होता है तो सूर्य की किरणें पृथ्वी के वातावरण से होकर गुजरती हैं और धूल के कणों या अणुओं से टकराती हैं. इस प्रक्रिया को रेले स्कैटरिंग कहा जाता है.

इस कारण सूरज का रंग सफेद होता है

सूरज का असली रंग सफेद होने का कारण है कि यह सभी रंगों को समान रूप से उत्सर्जित करता है. हालांकि पृथ्वी के वायुमंडल में मौजूद कण नीले रंग को अधिक बिखेर देते हैं, जिससे हमें सूर्य का रंग पीला दिखाई देता है. जब सूर्य की किरणें पृथ्वी के वातावरण से होकर गुजरती हैं, तो कम तरंगदैर्ध्य वाला नीला रंग वातावरण में बिखर जाता है. इसका कारण जो किरणें आंखों तक पहुंचती है. उसमें पीले रंग का अंश अधिक हो जाता है. इस कारण सूर्य पीला या गुलाबी दिखता है.

Real color of sun

अंतरिक्ष से कैसा रंग का दिखेगा सूर्य

यदि हम सूर्य की अंतरिक्ष से देखेंगे तो उसका रंग सफेद दिखाई देगा. क्योंकि अंतरिक्ष में वायुमंडल नहीं होता. वायुमंडल नहीं होने के कारण अंतरिक्ष से सूर्य अपने वास्तविक रंग में दिखाई देता है. दरअसल सूर्य में जो एटॉमिक रिएक्शन होता है उसे नाभिकीय संलयन अभिक्रिया कहते हैं. इसमें सूर्य में मौजूद हाइड्रोजन के नाभिक हीलियम नाभिक में फ्यूज होते हैं. इस पूरी प्रक्रिया में ऊर्जा की बड़ी मात्रा उत्सर्जित इस प्रक्रिया में, चार हाइड्रोजन नाभिक संलयन करके एक हीलियम नाभिक बनाते हैं, साथ ही बड़ी मात्रा में ऊर्जा भी निकलती है.

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लेखक के बारे में

By Pritish sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.
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