Rajya Sabha Election : ओडिशा में राज्यसभा चुनाव के लिए 5 उम्मीदवार मैदान में हैं. नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख (9 मार्च) को किसी भी उम्मीदवार ने अपना नाम वापस नहीं लिया. इसके साथ ही चार सीट के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं. 12 साल के बाद राज्यसभा की सीट के लिए मुकाबला होगा. इससे पहले यहां निर्विरोध चुनने की प्रकिया चली आ रही थी. भाजपा के मनमोहन सामल और सुजीत कुमार, बीजू जनता दल (बीजद) के संतृप्त मिश्रा और चिकित्सक दत्तेश्वर होता के अलावा निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय चुनावी मैदान में हैं.
मतदान 16 मार्च को होगा
एक अधिकारी ने बताया कि मतदान 16 मार्च को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक होगा, जबकि मतगणना उसी दिन शाम पांच बजे होगी. पूरी चुनाव प्रक्रिया 20 मार्च तक पूरी हो जाएगी.
चौथी सीट पर हो सकता है मुकाबला
ओडिशा में राज्यसभा चुनाव के लिए इससे पहले 2014 में मतदान कराना आवश्यक हो गया था जब चार सीट के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में थे. ओडिशा की 147 सदस्यीय विधानसभा में वर्तमान संख्या बल के आधार पर सत्तारूढ़ भाजपा दो सीट पर आसानी से जीत हासिल कर सकती है. वहीं विपक्षी बीजद को एक सीट मिलने की संभावना है. चौथी सीट पर मुकाबला होने की संभावना है.
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भाजपा ने सामल और कुमार को अपना औपचारिक उम्मीदवार बनाया है. निर्दलीय उम्मीदवार राय को समर्थन दिया है. वहीं कांग्रेस और माकपा ने होता को समर्थन देने की घोषणा की है, जिससे ‘क्रॉस-वोटिंग’ की आशंका जताई जा रही है. चुनावी गणित के अनुसार किसी उम्मीदवार को जीत के लिए कम से कम 30 प्रथम वरीयता मतों (फर्स्ट प्रीफ्रेंस वोट) की आवश्यकता होगी.
किस पार्टी के पास कितने विधायक
विधानसभा में भाजपा के 79 विधायक हैं. उसे तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है. पिछले महीने दो विधायकों के निलंबन के बाद बीजद के पास 48 विधायक हैं. वहीं कांग्रेस के पास 14 विधायक और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का एक विधायक है.
