Raj-Uddhav Thakrey: उद्धव को जन्मदिन की बधाई देने मातोश्री पहुंचे राज ठाकरे, क्या यह भाईचारा है या राजनीति?

Raj-Uddhav Thakrey: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के चीफ राज ठाकरे अचानक रविवार को शिव सेना यूबीटी के प्रमुख उद्धव ठाकरे को उनकी जन्मदिन की बधाई देने मातोश्री आवास पहुंचे. दोनों भाइयों का अचानक ऐसा मिलना महाराष्ट्र की सियासत में एक नया मोड़ लाने की संभावना रखता है. आखिरी बार राज ठाकरे 13 साल पहले मातोश्री गए थे.

Raj-Uddhav Thakrey: उद्धव ठाकरे के जन्मदिन की बधाई देने मनसे प्रमुख राज ठाकरे उनके आवास मातोश्री पहुंचे. 13 साल के लंबे समय के बाद राज ठाकरे मातोश्री पहुंचकर उद्धव ठाकरे को जन्मदिन की बधाई दी है. राज ठाकरे का यूं अचानक मातोश्री पहुंचना महाराष्ट्र की राजनीति की ओर नए संकेत दे रहा है. उद्धव और राज ठाकरे हाल ही में मुंबई के वर्ली में आयोजित एक रैली में साथ नजर आए थे. राज ठाकरे कुछ गिने-चुने अवसरों पर ही मातोश्री गए हैं.

ठाकरे ब्रदर्स की एक महीने में दूसरी मुलाकात

ठाकरे ब्रदर्स का एक ही महीने में दूसरी बार हो रही मुलाकात के पीछे का मकसद राजनीतिक है या सिर्फ पारिवारिक मुलाकात, यह तो आगे आने वाला समय ही बता पाएगा, लेकिन राज ठाकरे के शिव सेना से अलग हो जाने के बाद ठाकरे ब्रदर्स कभी साथ नजर नहीं आए. आखिरी बार 13 साल पहले राज ठाकरे मातोश्री गए थे, जिसके बाद दोनों भाइयों को पहली बार रविवार (27 जुलाई) को मातोश्री में एक साथ देखा गया. ॉ

उद्धव ने जताई खुशी

शिवसेना (UBT) नेता उद्धव ठाकरे ने कहा इस मुलाकात पर कहा “आप सभी की शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद, मैं सचमुच उनकी सराहना करता हूं. राजठाकरे मेरे जन्मदिन पर आए और मुझे शुभकामनाएं दीं- यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है. उनके आने से मेरी खुशी दोगुनी हो गई है. शिवसेना एक ही है. दो शिवसेना नहीं हैं. राज ठाकरे ने बालासाहेब ठाकरे से मुलाकात की और उन्हें श्रद्धांजलि दी. बहुत लंबे समय के बाद राज यहां आए और मुझे मेरे जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं. यह वास्तव में मेरे लिए बहुत मायने रखता है.”

क्या राज-उद्धव होने जा रहे हैं एक?

महाराष्ट्र में आए इस सियासी मोड़ ने अब सभी को चौंका दिया है. महाराष्ट्र में थ्री लैंग्वेज पॉलिसी के विवाद में राज और उद्धव ठाकरे का भाईचारा बहुत चर्चा में रहा. ठाकरे ब्रदर्स ने सालों बाद एक मंच पर आकर महाराष्ट्र की राजनीती को हिला कर रख दिया. कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या राज और उद्धव ठाकरे साथ आने वाले हैं? एमएनएस और ठाकरे गुट के बीच गठबंधन होने की भी संभावना जताई जा रही है. मौजूदा स्थिति पर गौर किया जाए, तो ठाकरे ब्रदर्स मिलकर भाजपा के खिलाफ एक मजबूत विपक्ष के रूप में सामने आ सकते हैं. राज ठाकरे का उद्धव ठाकरे से उनके जन्मदिन पर मिलना इन सभी बातों की ओर संकेत देता हुआ नजारा आ रहा है.

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By Anjali Pandey

Anjali Pandey is a contributor at Prabhat Khabar.

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