असम के कई हिस्सों में लगातार मूसलाधार बारिश (Heavy Rainfall in Assam) के कारण बाढ़ की स्थिति बन गई है. जिसके चलते कई प्रमुख नदियां उफान पर हैं. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार बारिश और बाढ़ के कारण राज्य के 25 जिलों में 11 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. वही, भूस्खलन के कराण अब तक 46 लोगों को जान गवानी पड़ी है.
ब्रह्मपुत्र समेत कई नदियां उफान पर
असम में मूसलाधार बारिश के कारण कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिनमें निमटीघाट व धुबरी में ब्रह्मपुत्र (Brahmaputra), नागांव में कोपिली, कामरूप में पुथिमारी, नलबाड़ी में पगलादिया, बारपेटा में मानस और बेकी नदी शामिल हैं. केंद्रीय जल आयोग (CWC) द्वारा जारी एक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई है. बोंगाईगांव, डिब्रूगढ़, गोलपारा, कामरूप, कोकराझार, मोरीगांव, नलबाड़ी, सोनितपुर और दक्षिण सलमारा जैसे जिलों से भारी अपरदन की सूचना मिली है.
केंद्रीय मंत्री ने बाढ़ की स्थिति पर की चर्चा
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने दिन में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा से बात कर राज्य में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति पर चर्चा की. पीटीआई ने अपने एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को मौजूदा स्थिति से अवगत कराया और बताया कि कैसे विभिन्न विभाग प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मदद के लिए चौबीस घंटे काम कर रहे हैं.
1700 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित
बाढ़ की मौजूदा स्थिति के चलते 1,702 गांव प्रभावित हुए हैं, जिसके चलते 68 हजार से अधिक लोगों को 150 राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है. इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर भोजन और दवा वितरण के लिए 46 राहत केंद्र खोले गए हैं. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन और आपातकालीन सेवा के जवान, पुलिस और एएसडीएमए के स्वयंसेवक युद्धस्तर पर प्रभावित क्षेत्रों में निकासी अभियान चला रहे हैं.
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