Weather Update: कई राज्यों में आफत की बरसात, IMD ने जारी किया अलर्ट, मुंबई और तेलंगाना में स्कूल बंद

देश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हो रही है. बीते कुछ दिनों में मुंबई में भी मूसलाधार बारिश हुई, हालांकि शुक्रवार यानी आझ मुंबई के अधिकतर हिस्सों में हल्की बारिश हुई. कुछ इलाकों में भारी बारिश भी देखने को मिली. तेलंगाना में भाी भारी बारिश हो रही है.

Weather Update: बारिश और बाढ़… मानसून की दस्तक के साथ ही देश के कई राज्यों में बारिश आफत की बरसात बन गई है. गुजरात महाराषट्र से लेकर जम्मू कश्मीर तक बारिश से कई इलाकों पानी-पानी हो गये हैं. जोरदार बारिश से कई राज्यों में बाढ़ के हालात है. नदियां उफान पर है तो कई गांव जलमग्न हो चुके है. शहरों में भी बारिश से भारी तबाही मची हुई है. आम जनजीनव बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुआ है. बीते दिनों से गुजरात के कई जिलों में हो रही बारिश के कारण कई जिलों में बारिश का पानी घरों में घुस गया है. वहीं, मुंबई में भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है.

मुंबई में भारी बारिश के आसार

बीते कुछ दिनों में मुंबई में मूसलाधार बारिश हुई, हालांकि शुक्रवार यानी आझ मुंबई के अधिकतर हिस्सों में हल्की बारिश हुई. कुछ इलाकों में भारी बारिश भी देखने को मिली. इसी बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शहर में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है. अधिकारियों ने बताया कि बारिश की तीव्रता कम होने की वजह से महानगर में कहीं भी अधिक जलभराव होने की खबर नहीं है. वहीं, आईएमडी ने मुंबई में आज बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है. आईएमडी ने शहर और उपनगरों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है, साथ ही अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश के भी आसार हैं. अधिकारी ने बताया कि आईएमडी के अनुसार, 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.

हरियाणा, पंजाब के कई हिस्सों में बारिश

हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में शुक्रवार को बारिश हुई, जिससे पारे में सामान्य से आंशिक गिरावट दर्ज की गई. मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि हरियाणाा में अंबाला, पंचकूला और कुरुक्षेत्र सहित अन्य जगहों पर बारिश हुई. वहीं, पंजाब के मोहाली, फतेहगढ़ साहिब, एसबीएस नगर, लुधियाना और रूपनगर में पानी बरसा. इस महीने की शुरुआत में भारी बारिश के कारण दोनों राज्य बाढ़ की चपेट में आ गए थे. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में वर्षा जनित घटनाओं में पंजाब में 43 लोगों की और हरियाणा में 40 लोगों की मौत हुई. बारिश और बाढ़ से कई इलाकों में फसलों एवं संपत्ति को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है.

तेलंगाना में 22 जुलाई से बारिश की अलग-अलग घटनाओं में आठ लोगों की मौत : सूत्र

इधर, तेलंगाना में भी भारी बारिश हो रही है. गुरुवार को भारी बारिश में कई इलाकों में जलजमाव हो गया. भारी बारिश से कृषि फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है. राज्य में 22 जुलाई के बाद से अब तक बारिश से संबंधित विभिन्न घटनाओं में आठ लोगों की मौत हुई है. राज्य में पिछले सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है और पिछले कुछ दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई है, जिसकी वजह से कई स्थानों पर सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. मौसम विभाग ने तेलंगाना की अपनी दैनिक मौसम रिपोर्ट में बताया कि हनुमाकोंडा के कई स्थानों, मुलुगु, जयशंकर भुपल्पल्ली जिलों के कुछ स्थानों और जनगांव, भद्राद्री कोथागुडेम, करीमनगर तथा वारंगल जिलों के अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश हुई.

वैज्ञानिकों के अनुसार जुलाई 2023 अब तक का सबसे गर्म महीना होगा

वैज्ञानिकों के एक नए विश्लेषण के अनुसार, इस साल का जुलाई महीना रिकॉर्ड के अनुसार अब तक का सबसे गर्म महीना होने वाला है जिसका औसत तापमान जुलाई 2019 की तुलना में काफी अधिक है. यूरोपीय संघ द्वारा वित्तपोषित कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस और विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने गौर किया कि तापमान में वृद्धि उत्तरी अमेरिका, एशिया और यूरोप के बड़े हिस्सों में भीषण गर्मी के कारण हुयी है. इससे कनाडा और यूनान सहित कई देशों में दावानल के साथ ही लोगों के स्वास्थ्य, पर्यावरण और अर्थव्यवस्थाओं पर भी खासा प्रभाव पड़ा है. आंकड़ों के अनुसार पिछला सबसे गर्म महीना जुलाई 2019 था. एक नए विश्लेषण के अनुसार, जुलाई 2023 के पहले 23 दिन के दौरान वैश्विक औसत तापमान 16.95 डिग्री सेल्सियस था जो जुलाई 2019 के पूरे महीने के लिए दर्ज 16.63 डिग्री से काफी अधिक है.

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इस स्तर पर, यह लगभग निश्चित है कि जुलाई 2023 का मासिक औसत तापमान जुलाई 2019 से काफी अधिक हो जाएगा, जिससे यह रिकॉर्ड के अनुसार सबसे गर्म जुलाई और सबसे गर्म महीना बन जाएगा. डब्ल्यूएमओ के महासचिव पेटेरी तालास ने एक बयान में कहा कि जुलाई में जिस प्रतिकूल मौसम ने लाखों लोगों को प्रभावित किया है, वह दुर्भाग्य से जलवायु परिवर्तन की कठोर वास्तविकता और भविष्य के लिए एक संकेत है. उन्होंने कहा कि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कटौती पहले से कहीं अधिक आवश्यक है और जलवायु संबंधी कार्रवाई कोई विलासिता नहीं, बल्कि जरूरत है. डब्ल्यूएमओ ने कहा कि छह जुलाई को दैनिक औसत तापमान अगस्त 2016 के उच्चतम स्तर को पार कर गया जिससे यह रिकॉर्ड पर सबसे गर्म दिन बन गया. पांच जुलाई और सात जुलाई उससे कुछ ही पीछे थे.

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