Railway: मौजूदा वित्त वर्ष में आवंटित राशि खर्च करने के मामले में रेलवे का प्रदर्शन रहा है शानदार

मौजूदा वित्त वर्ष में रेलवे आवंटित राशि का 80.54 फीसदी खर्च कर चुका है. पिछले साल के मुकाबले खर्च करने की दर में 6.54 फीसदी की वृद्धि हुई है. यह खर्च मुख्य तौर पर सुरक्षा उपाय, क्षमता विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण और यात्री सुविधा पर हुआ है.

Railway: रेलवे यात्री सुविधा के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर को विश्वस्तरीय बनाने का काम तेजी से कर रहा है. यात्रियों को त्वरित, सुरक्षित यात्रा मुहैया कराने के साथ खुद को भविष्य के संगठन के तौर पर भी खुद को तैयार करने के विजन को अपना रहा है. इस सोच का परिणाम है कि रेलवे बजट में आवंटित राशि का सही उपयोग कर रहा है. 

मौजूदा वित्त वर्ष में दिसंबर के अंत तक रेलवे ने कुल 2.52 लाख करोड़ रुपये में से लगभग 2.03 लाख करोड़ रुपये खर्च कर चुका है. मौजूदा वित्त वर्ष में रेलवे आवंटित राशि का 80.54 फीसदी राशि को खर्च कर चुका है. पिछले साल के मुकाबले खर्च करने की दर में 6.54 फीसदी की वृद्धि हुई है. यह खर्च मुख्य तौर पर सुरक्षा उपाय, क्षमता विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण और यात्री सुविधा पर हुआ है. 

मंत्रालय के अनुसार सुरक्षा के लिए आवंटित राशि का 84 फीसदी खर्च हो चुका है. क्षमता विकास के लिए आवंटित 109238 करोड़ रुपये में से 76048 करोड़ रुपये खर्च हुआ है. यानी क्षमता विकास पर 69 फीसदी खर्च हो पाया है. यात्री सुविधा पर दिसंबर 2025 तक 9575 करोड़ रुपये खर्च हुआ है और यह कुल खर्च का 80 फीसदी है. 


समय के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले खर्च में हुई है वृद्धि

पिछले एक दशक में रेल मंत्रालय ने रेलवे को आधुनिक बनाने के लिए कई कदम उठाए है. देश में 164 वंदे भारत ट्रेन, 30 अमृत भारत ट्रेन, ट्रेन हादसे रोकने के लिए कवच ऑटोमेटिक सिस्टम, ब्रॉड गेज का 99 फीसदी बिजलीकरण, नयी रेल लाइन का विकास, ट्रैक का दोहरीकरण, ट्रैफिक सुविधा को बेहतर बनाने और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में निवेश और अन्य पहलुओं के कारण आवंटित राशि के खर्च में बढ़ोतरी हुई है. 


इन प्रयासों के कारण ट्रेन की गति, सुरक्षा और यात्री सुविधा काफी बेहतर हुई है और अभी भी ट्रेन का सफर काफी सस्ता है. जल्द ही लंबी दूरी के यात्रियों को बेहतर यात्री सुविधा मुहैया कराने के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का संचालन शुरू होने वाला है. इन ट्रेन का ट्रायल रन पूरा हो चुका है. इस ट्रेन के संचालन से लंबी दूरी की ट्रेन यात्रा में व्यापक बदलाव आएगा. मंत्रालय के प्रयास से बजट में आवंटित राशि सही तरीके से खर्च हो रही है और इससे जाहिर होता है कि इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं पर काम तेजी से हो रहा है. संभावना है कि मौजूदा वित्त वर्ष में आवंटित राशि को पूरी तरह खर्च करने में मंत्रालय कामयाब होगा. 

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >