राहुल के तीखे तेवर, चेहरे पर लगी चोट
PM आवास के बाहर राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्ष के कई नेता सड़क पर बैठ गए. राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव सहित 30 से अधिक सांसद मौजूद थे. नेताओं ने वहीं बैठकर केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और मांग रखी कि छात्रों के मुद्दे पर निष्पक्ष जांच हो और लाठीचार्ज करने वालों पर कार्रवाई की जाए. तस्वीर में पुलिस के साथ धक्का-मुक्की में उन्हें चेहरे पर लगी चोट देखी जा सकती है.
पुलिस का कड़ा घेरा और धक्का-मुक्की
माहौल तब और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने के लिए बल प्रयोग शुरू किया. दर्जनों सुरक्षाकर्मियों ने राहुल गांधी को चारों तरफ से घेर लिया. पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा बलों के जवान राहुल गांधी को बस की तरफ ले जाने के लिए धक्का-मुक्की करने लगे, जबकि समर्थक उन्हें बचाने की पूरी कोशिश करते दिखे. चारों तरफ पुलिस के जवान ही जवान नज़र आ रहे थे.
प्रियंका गांधी को भी महिला पुलिस ने घेरा
राहुल गांधी के साथ-साथ प्रियंका गांधी वाड्रा को भी महिला पुलिसकर्मियों ने चारों तरफ से घेर लिया. प्रियंका गांधी लगातार पुलिस की इस ज़बरदस्ती का विरोध कर रही थीं. महिला सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें जबरन पकड़ा और गाड़ी में बैठाने के लिए ले गईं. प्रियंका गांधी को राहुल गांधी से अलग मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया.
प्रियंका गांधी का सरकार पर निशाना
हिरासत से रिहा होने के बाद प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्र देश का भविष्य हैं और उनकी आवाज दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है. छात्रों के साथ किया गया व्यवहार पूरी तरह अनुचित और अस्वीकार्य है.
रात करीब 10 बजे हुई रिहाई
पुलिस ने राहुल गांधी को हिरासत में लेने के बाद नॉर्थ दिल्ली स्थित छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया, जहां रात करीब 10 बजे उन्हें रिहा कर दिया गया. वहीं, प्रियंका गांधी को मध्य दिल्ली के मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया था. देर शाम सोनिया गांधी भी उनसे मिलने वहां पहुंचीं. इसके बाद रात करीब 9:45 बजे प्रियंका गांधी को भी रिहा कर दिया गया.
चेहरे पर निशान और देर रात रिहाई
हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी और अन्य प्रमुख नेताओं को बस से सीधे दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया, जिसे अस्थायी जेल बनाया गया था. लगभग तीन घंटे तक हिरासत में रखने और कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद देर रात राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को रिहा कर दिया गया. स्टेडियम से बाहर निकलते वक्त राहुल गांधी के चेहरे पर इस भारी जद्दोजहद के स्पष्ट निशान देखे जा सकते थे.
पेपर लीक विवाद पर गरमाई सियासत
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर अभूतपूर्व प्रदर्शन का नेतृत्व किया, जबकि कई विपक्षी नेता जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में उतरे. इससे राजधानी का राजनीतिक माहौल और गरमा गया. यह घटनाक्रम उस दिन के बाद हुई, जब परीक्षा पेपर लीक के विरोध में दिल्ली की सड़कों पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे.
