PM Modi Maha Kumbh Visit: ‘पाप कम करने राहुल गांधी को जाना चाहिए महाकुंभ’, मोदी की डुबकी के बाद आचार्य प्रमोद ने दी सलाह

PM Modi Maha Kumbh Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को प्रयागराज दौरे पर गए थे. जहां उन्होंने महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाई. पीएम की डुबकी पर विपक्ष ने जोरदार हमला भी बोला है. इस बीच आचार्य प्रमोद कृष्णम ने विपक्ष और खासकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर हमला बोला है.

PM Modi Maha Kumbh Visit: आचार्य प्रमोद कृष्णम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुंभ दौरे को सनातन के लिए गर्व बताया है. साथ ही उन्होंने विपक्ष को भी महाकुंभ जाने की सलाह दे डाली. उन्होंने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा, “राहुल को भी कुंभ जाना चाहिए और अपने पाप कम करने चाहिए. प्रधानमंत्री का कुंभ जाना सनातन के लिए गौरव की बात है. लेकिन ये उनकी निजी आस्था का विषय है. उनकी आस्था के ऊपर सवाल उठाने का अधिकार किसी को नहीं है.”

पाप कम करने राहुल गांधी को कुंभ जाना चाहिए : आचार्य प्रमोद

आचार्य प्रमोद ने राहुल गांधी और विपक्ष पर हमला करते हुए कहा, विपक्ष के सभी नेताओं से कहता हूं. महाकुंभ जाएं, मैं तो राहुल गांधी को कहता हूं, कुंभ जाएं और अपने पाप कुछ कम कर लें. कौन रोक रहा है, कुंभ सभी का है, जिसे अपने हिंदू होने पर शक है, वो कुंभ कैसे जाएगा.”

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नरेंद्र मोदी दुष्टों का नाश करने और धर्म की पुनर्स्थापना के लिए प्रधानमंत्री बने : आचार्य प्रमोद

आचार्य प्रमोद ने कहा, “भारत के प्रधानमंत्री की जो आस्था है, वो सनातन धर्म के अनुरूप है. सनातन की संस्कृति और संस्कारों में है. उनका पूरा जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित है. भगवान कृष्ण ने गीता में कहा है, दुष्टों का विनाश करने और धर्म की पुनर्स्थापना करने के लिए मैं आता हूं, तो नरेंद्र मोदी इसलिए प्रधानमंत्री बने हैं, ताकी दुष्टों का नाश कर सके और धर्म की पुनर्स्थापना कर सकें.”

भारत को ऐसा प्रधानमंत्री मिला है, जो श्रद्धा का शिखर है : आचार्य प्रमोद

आचार्य प्रमोद ने कहा, “अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में प्रधानमंत्री मोदी की बड़ी भूमिका रही है. अगर नरेंद्र मोदी इस देश के प्रधानमंत्री नहीं होते तो राम मंदिर न बनता और अगर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं होते, तो श्री कल्की धाम मंदिर का शिलान्यास नहीं होता. तो जहां भगवान आए और जहां आएंगे दोनों कार्य उनके हाथ से होना है. आचार्य प्रमोद ने कहा- भारत को ऐसा प्रधानमंत्री मिला है, जो श्रद्धा का शिखर है.”

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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