Explainer: संसद में कब नजर आएंगे राहुल गांधी ? कांग्रेस की मांग के बीच जानें ये खास बात

Rahul Gandhi News : सुप्रीम कोर्ट ने ‘मोदी सरनेम’ को लेकर की गयी कथित विवादित टिप्पणी के संबंध में 2019 में दर्ज आपराधिक मानहानि मामले में राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर रोक लगाते हुए शुक्रवार को उनकी लोकसभा की सदस्यता बहाल करने का रास्ता साफ कर दिया. जानें कांग्रेस की मांग और दो उदाहरण जब फंसा पेंच

Rahul Gandhi News : सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मोदी सरनेम मामले में गुजरात की एक अदालत द्वारा सुनायी गयी दो साल की जेल की सजा पर रोक लगा दी जिसके बाद यह तय हो गया कि उनकी संसद सदस्यता की बहाली का रास्ता साफ है. इसका मतलब कांग्रेस नेता राहुल गांधी फिर से एक सांसद की हैसियत से सदन में नजर आएंगे. यही नहीं वे सत्ता के साथ मुद्दों पर चर्चा करेंगे. आपको बता दें कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा 8 अगस्त को शुरू होने वाली है. इस बीच ये कयास लगाये जा रहे हैं कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड से सांसद अब अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा भी सदन में कर सकते हैं.

राहुल गांधी की राह क्यों नहीं आसान?

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की सांसदी बहाली की राह इतनी आसान नहीं नजर आ रही है. पिछले दिनों विपक्षी दलों का नया गठबंधन इंडियन नेशनल डेवेलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस यानी I.N.D.I.A बना है. गठबंधन भी चाह रहा है कि जल्द से जल्द राहुल गांधी की सदन में वापसी हो. कांग्रेस तो इसका पूरा प्रयास कर रही है कि राहुल गांधी जल्द लोकसभा में दिखे, लेकिन उसकी कोशिश असफल होती दिख रही है. कांग्रेस आरोप लगा रही है कि बीजेपी और केंद्र सरकार यानी सत्ता पक्ष जानबूझ कर इस मामले में देरी कर रहा है. आइए इस बीच दो उदाहरण से समझें क्या है पूरा मामला

कालका विधायक प्रदीप चौधरी का मामला

यदि आपको याद हो तो हरियाणा में कालका विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक प्रदीप चौधरी को एक मामले में हिमाचल प्रदेश के बद्दी की एक अदालत ने 28 जनवरी 2021 को तीन साल की सजा सुनाई थी. 30 जनवरी 2021 को हरियाणा विधानसभा से उनकी सदस्यता रद्द हुई थी. मामले में 19 अप्रैल 2021 को हाईकोर्ट ने सजा पर रोक लगाने का काम किया. इसके करीब 1 महीने बाद 20 मई 2021 को उनकी सदस्यता बहाल हुई थी.

एनसीपी सांसद मोहम्मद फैजल का मामला

लक्षद्वीप से एनसीपी सांसद मोहम्मद फैजल की बात करें तो उनका मामला अभी भी ताजा ही है. लक्षद्वीप की एक अदालत ने 11 जनवरी 2023 को हत्या के प्रयास के मामले में एनसीपी सांसद मोहम्मद फैजल को दस साल की सजा सुनाई थी. सजा सुनाए जानें के दो दिन बाद लोकसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर उनकी सदस्यता रद्द करने का काम किया. 25 जनवरी 2023 को केरल हाई कोर्ट ने दस साल की सजा पर रोक लगायी. इसके बाद उनकी सांसदी बहाल हो जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा होता नजर नहीं आया. 29 मार्च 2023 को एक लंबे इंतजार के बाद फैजल की संसद सदस्यता बहाल हुई.

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उपरोक्त मामलों को देखें तो विधायकों और सांसदों के दोषी साबित होने के बाद उनकी सदस्यता तो तत्काल प्रभाव से चली गयी, लेकिन संसद या विधानसभा में सदस्यता की बहाली के लिए इन्हें लंबा इंतजार करना पड़ गया. इस तरह राहुल गांधी की सदस्यता आने वाले सोमवार को बहाल हो जाएगी, ऐसी उम्मीद कम ही नजर आ रही है.

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था सुनवाई के दौरान

जस्टिस बीआर गवई, पीएस नरसिम्हा और पीवी संजय कुमार की पीठ ने मामले पर सुनवाई करते हुए कहा था कि निचली अदालत ने मानहानि के अपराध के लिए भादवि की दफा 499 के तहत निर्धारित दो साल की कैद की अधिकतम सजा देने के लिए कोई विशेष कारण नहीं बताया. इसमें कोई संदेह नहीं कि बयान अच्छे नहीं थे, लेकिन चूंकि निचली अदालत द्वारा अधिकतम सजा देने का कोई कारण नहीं बताया गया, इसलिए सजा के आदेश पर अंतिम फैसला आने तक रोक लगाने की जरूरत है.

लोकसभा सदस्यता बहाल करने का मार्ग प्रशस्त

विशेषज्ञों के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष अब राहुल गांधी की सदस्यता बहाल कर सकते हैं या राहुल शीर्ष अदालत के आदेश के परिप्रेक्ष्य में एक सांसद के रूप में अपनी सदस्यता बहाल करने की अपील कर सकते हैं.

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यह था पूरा मामला

राहुल गांधी ने 11 अप्रैल, 2019 को बेंगलुरु के कोलार में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मोदी सरनेम को लेकर एक बयान दिया था. इसके खिलाफ भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी ने मानहानि की शिकायत दर्ज करायी थी. चार साल तक सेशन कोर्ट में इस पर केस चला. इस साल 23 मार्च को सेशन कोर्ट का फैसला आया, जिसमें राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनायी गयी, जो इस अपराध की अधिकतम सजा है.

दिग्विजय ने कठेरिया को दोषी ठहराये जाने के बाद क्या कहा

उत्तर प्रदेश के इटावा से बीजेपी के सांसद कठेरिया को आगरा की एक एमपी/एमएलए अदालत ने साल 2011 में एक निजी बिजली कंपनी के कर्मचारी के साथ मारपीट करने के मामले में शनिवार को दो साल की सजा सुनाई है. सजा सुनाए जाने के बाद कांग्रेस बीजेपी पर हमलावर है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा है कि अब देखना यह है कि लोकसभा अध्यक्ष इटावा से बीजेपी सांसद रामशंकर कठेरिया को कब अयोग्य करार देते हैं.

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इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि सांसद रामशंकर कठेरिया को सजा सुनाई गयी है. राहुल गांधी को 24 घंटे के भीतर अयोग्य घोषित कर दिया गया था. अब देखना यह होगा कि कठेरिया को सांसद की सदस्यता से अयोग्य किया जाता है या नहीं… देखते हैं लोकसभा अध्यक्ष कितनी निष्पक्षता से काम करते हैं…

राहुल गांधी लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बोल सकते हैं?

कांग्रेस ने ‘मोदी सरनेम’ वाली टिप्पणी से जुड़े मानहानि के मामले में राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के एक दिन बाद शनिवार को कहा कि उसके नेता की सदस्यता उसी तत्परता से बहाल होनी चाहिए जिस तरह उन्हें अयोग्य ठहराया गया था. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने यह सवाल भी किया कि ‘क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसका डर लग रहा है कि राहुल गांधी लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बोल सकते हैं?

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कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि 23 मार्च को सूरत की सत्र अदालत ने राहुल गांधी को ‘दोषी’ क़रार दिया था. उसके 26 घंटे बाद उनकी संसद सदस्यता को रद्द करने की अधिसूचना जारी कर दी गयी. उस पूरी तरह से गलत दोषसिद्धि पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के 26 घंटे बीत चुके हैं. उन्होंने सवाल किया कि राहुल गांधी की संसद सदस्यता अब तक बहाल क्यों नहीं की गई? क्या प्रधानमंत्री को अविश्वास प्रस्ताव में उनके शामिल होने का डर है?

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अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा

लोकसभा में आठ से 10 अगस्त तक अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विपक्ष की तरफ से लाये गये इस प्रस्ताव पर चर्चा के आखिरी दिन जवाब दिये जाने की संभावना जतायी जा रही है. लोकसभा में संख्या बल स्पष्ट रूप से सत्तारूढ़ एनडीए के पक्ष में है. अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा आठ अगस्त से शुरू कराने का निर्णय लोकसभा अध्यक्ष द्वारा बुलायी गयी सदन की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में लिया गया. एक वरिष्ठ नेता ने बताया था कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा आठ अगस्त को शुरू होगी और 10 अगस्त तक चलेगी जब प्रधानमंत्री चर्चा का जवाब देंगे.

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कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर संसद में जारी गतिरोध के बीच लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था, जिस पर सदन में चर्चा के लिए मंजूरी दे दी गयी. उस दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा था कि वह सभी दलों के नेताओं से बातचीत करने के बाद इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तिथि तय करेंगे.

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राहुल गांधी की सदस्यता बहाल करने का आग्रह

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने शुक्रवार को लोकसभा अध्यक्ष से मिलकर राहुल गांधी की सदस्यता बहाल करने का आग्रह किया है. ओम बिरला से मुलाकात के बाद चौधरी ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट से राहुल गांधी को राहत मिलना सच्चाई की जीत है. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर राहुल गांधी बोलें.

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कांग्रेस सांस चौधरी ने राहुल गांधी को मानहानि के मामले में राहत मिलने के बाद शुक्रवार को लोकसभा में आसन से आग्रह किया कि पार्टी के पूर्व अध्यक्ष को सदन की बैठक में शामिल होने की अनुमति दी जाए. उन्होंने पीठासीन सभापति राजेंद्र अग्रवाल के समक्ष यह मांग उठाई. उन्होंने कहा कि हमारे नेता राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गयी है. उन्हें सदन में आने की अनुमति दी जाए. यह हमारी मांग है. इसपर अग्रवाल ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष इस पर संज्ञान लेंगे.

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लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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