Rahul Gandhi Meets Hunger Strike Students : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे AISA (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) के छात्र नेताओं से मुलाकात की. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों के दोषी हैं, उन्होंने माफी मांगनी चाहिए.
मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि छात्र लगातार शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं. उनके मुताबिक, छात्रों का कहना है कि देश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह भ्रष्ट हो चुकी है, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है.
'धर्मेंद्र प्रधान पर सरकार बात तक नहीं कर रही'
राहुल गांधी ने कहा कि इतने दिनों के आंदोलन के बावजूद सरकार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कोई चर्चा तक नहीं की है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों से सुझाव लेने की बात करते हैं, लेकिन सिर्फ धन्यवाद कहने से काम नहीं चलेगा. राहुल के मुताबिक, छात्र शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से कम किसी बात पर संतुष्ट नहीं होंगे.
घायल छात्रों को दिखाकर पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
मीडिया ब्रीफिंग के दौरान राहुल गांधी के साथ एक छात्रा भी मौजूद थीं, जिनके पैर में प्लास्टर लगा हुआ था. उन्हें दिखाते हुए राहुल ने कहा कि ऐसे हजारों छात्र पुलिस कार्रवाई में घायल हुए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि एक युवक पुलिस की पैलेट गन से घायल हुआ है और उसकी आंख के पास गंभीर चोट लगी है.
राहुल ने कहा कि ऐसी भी आशंका जताई जा रही है कि वह अपनी आंख की रोशनी खो सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर लाठीचार्ज और बल प्रयोग किया गया. राहुल गांधी ने कहा कि इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और पूरे मामले की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेते हुए देश से माफी मांगनी चाहिए.
छात्रों ने रखीं तीन प्रमुख मांगें
राहुल गांधी ने बताया कि आंदोलन कर रहे छात्रों की तीन प्रमुख मांगें हैं. पहली, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा. दूसरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश से माफी मांगें; और तीसरी, पुलिस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेताओं में नेहा बोरा, मनीष और आमीन शामिल हैं. राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए और उनकी मांगों पर गंभीरता से फैसला लिया जाना चाहिए.
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