मध्य प्रदेश में राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को जनता ने नकारा, बीजेपी ने मार्ग की 17 सीटें जीतीं

‘भारत जोड़ो यात्रा’ के मध्य प्रदेश के यात्रा मार्ग पर कांग्रेस ने जो चार सीटें जीतीं, वे हैं भीकनगांव, तराना, महिदपुर और सुसनेर. कांग्रेस नेताओं ने दावा किया था कि इस साल मई में कर्नाटक में कांग्रेस की जीत का कारण ‘भारत जोड़ो यात्रा’ थी.

‘भारत जोड़ो यात्रा’ से मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में लाभ मिलने की कांग्रेस की उम्मीदें उस समय धराशायी हो गईं जब बीजेपी ने उन 21 सीटों में से 17 सीटें जीत लीं जहां से राहुल गांधी के नेतृत्व वाली यह यात्रा गुजरी थी. बीजेपी ने रविवार को मध्य प्रदेश विधानसभा की 230 सीटों में से 163 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया जबकि कांग्रेस 66 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही. पिछले साल 23 नवंबर से चार दिसंबर के बीच ‘भारत जोड़ो यात्रा’ ने प्रदेश के मालवा-निमाड़ क्षेत्र के छह जिलों, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, इंदौर, उज्जैन और आगर मालवा से होकर 380 किलोमीटर की दूरी तय की जिसमें कुल मिलाकर 21 सीटें हैं.

बीजेपी ने 2018 में इनमें से 14 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस सात सीटों पर विजयी रही. इस बार 2023 के चुनावों में भाजपा ने अपनी सीटों की संख्या बढ़ाकर 17 कर ली और कांग्रेस चार सीटों पर सिमट गई. बीजेपी की अर्चना चिटनीस ने बुरहानपुर, मंजू दादू ने जिले की नेपानगर सीट से जीत हासिल की. बुरहानपुर सीट 2018 में निर्दलीय उम्मीदवार सुरेंद्र सिंह शेरा ने जीती थी जो इस बार कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर असफल रहे. कांग्रेस की सुमित्रा कास्डेकर ने 2018 में नेपानगर सीट जीती, लेकिन बाद में उन्होंने पाला बदल लिया और 2020 के उपचुनाव में बीजेपी के टिकट पर चुनी गईं. बीजेपी ने यह सीट बरकरार रखी है. बीजेपी के नारायण पटेल और छाया मोरे भी क्रमश: मांधाता और पंधाना से जीते.

पंधाना सीट पर 2018 में बीजेपी के राम दांगोरे ने जीत हासिल की थी, जबकि मांधाता सीट पर कांग्रेस के नारायण पटेल जीते थे. पटेल बाद में बीजेपी में चले गए और 2020 में उपचुनाव जीते. उन्हें सत्तारूढ़ पार्टी ने फिर से टिकट दिया. खरगोन जिले में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ बड़वाह और भीकनगांव विधानसभा सीट से होकर गुजरी. बड़वाह से बीजेपी के सचिन बिड़ला जीते तो भीकनगांव से कांग्रेस प्रत्याशी झूमा सोलंकी विजयी रहीं. 2018 में दोनों सीटें कांग्रेस ने जीती थीं. बड़वाह विधायक सचिन बिड़ला बाद में बीजेपी में शामिल हो गए. ‘भारत जोड़ो यात्रा’ इंदौर जिले की सभी आठ सीटों पर पहुंची. यहां सभी आठ सीटों पर बीजेपी विजयी रही.

बीजेपी की उषा ठाकुर और मधु वर्मा क्रमश: महू और राऊ से जीतीं. इंदौर-1 सीट पर बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने मौजूदा विधायक संजय शुक्ला को हराकर जीत हासिल की. बीजेपी के रमेश मेंदोला (इंदौर-2), गोलू शुक्ला (इंदौर-3), मालिनी गौड़ (इंदौर-4) और महेंद्र हार्डिया (इंदौर-5) भी जीते हैं. इसके अलावा, 2020 में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए तुलसी सिलावट ने सांवेर सीट से जीत हासिल की. पिछले साल चार दिसंबर को राजस्थान में प्रवेश करने से पहले ‘भारत जोड़ो यात्रा’ आगर मालवा जिले की आगर मालवा और सुसनेर विधानसभा सीटों से गुजरी थी. आगर मालवा सीट पर बीजेपी के माधव सिंह ने जीत हासिल की जबकि सुसनेर सीट पर कांग्रेस के भैरो सिंह को जीत मिली.

Also Read: Mizoram Election Results 2023 Live: मिजोरम से भी भाजपा के लिए अच्छी खबर, जोरम पीपल्स मूवमेंट को मिला बहुमत

बीजेपी ने 2018 में आगर मालवा विधानसभा सीट जीती लेकिन 2020 के उपचुनाव में कांग्रेस से हार गई, जहां मौजूदा विधायक मनोहर ऊंटवाल के निधन के कारण उपचुनाव जरूरी हो गया था. सुसनेर विधानसभा सीट 2018 में निर्दलीय उम्मीदवार विक्रम सिंह राणा ने जीती थी, जो बाद में बीजेपी में शामिल हो गए. भाजपा के मोहन यादव और अनिल जैन ने क्रमश: उज्जैन दक्षिण और उज्जैन उत्तर सीट से जीत हासिल की. घट्टिया से बीजेपी के सतीश मालवीय और तराना सीट से कांग्रेस के महेश परमार विजयी हुए. महिदपुर विधानसभा सीट पर कांग्रेस के दिनेश जैन जीते. बीजेपी ने 2018 में उज्जैन जिलों की पांच में से चार सीटें जीतीं, कांग्रेस को केवल एक सीट पर जीत मिली.

Also Read: ‘बार-बार मोदी सरकार, तीसरी बार मोदी सरकार’, तीन राज्यों में जीत के बाद लोकसभा में लगे नारे

‘भारत जोड़ो यात्रा’ के मध्य प्रदेश के यात्रा मार्ग पर कांग्रेस ने जो चार सीटें जीतीं, वे हैं भीकनगांव, तराना, महिदपुर और सुसनेर. कांग्रेस नेताओं ने दावा किया था कि इस साल मई में कर्नाटक में कांग्रेस की जीत का कारण ‘भारत जोड़ो यात्रा’ थी. दक्षिणी राज्य में पार्टी ने उन 20 विधानसभा सीटों में से 15 पर जीत हासिल की जहां से राहुल गांधी के नेतृत्व वाली यात्रा गुजरी. बाद में इस साल अक्टूबर में कांग्रेस ने लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद करगिल के चुनावों में अपनी जीत का श्रेय यात्रा को दिया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Agency

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >