राहुल गांधी ने SIR को बताया षड़यंत्र, कहा- सत्ता की रक्षा में लोकतंत्र की बलि

Rahul Gandhi Attacks On SIR: SIR पर हमला जारी रखते हुए लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर लंबा-चौड़ा पोस्ट डाला. उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट के पन्ने को साझा किया. जिसमें दावा किया गया है कि 19 दिनों में 6 राज्यों में 16 बीएलओ की मौत. राहुल गांधी ने रिपोर्ट शेयर करते हुए लिखा- “SIR के नाम पर देशभर में अफरा-तफरी मचा रखी है – नतीजा? तीन हफ्तों में 16 BLO की जान चली गई. हार्ट अटैक, तनाव, आत्महत्या – SIR कोई सुधार नहीं, थोपा गया जुल्म है.”

Rahul Gandhi Attacks On SIR: राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में आगे लिखा- “SIR के नाम पर देश भर में अफरा-तफरी मचा रखी है – नतीजा? तीन हफ्तों में 16 BLO की जान चली गई. हार्ट अटैक, तनाव, आत्महत्या – SIR कोई सुधार नहीं, थोपा गया जुल्म है. ECI ने ऐसा सिस्टम बनाया है जिसमें नागरिकों को खुद को तलाशने के लिए 22 साल पुरानी मतदाता सूची के हज़ारों स्कैन पन्ने पलटने पड़ें. मकसद साफ है – सही मतदाता थककर हार जाए, और vote chori बिना रोक-टोक जारी रहे. भारत दुनिया के लिए अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर बनाता है, मगर भारत का चुनाव आयोग आज भी कागजों का जंगल खड़ा करने पर ही अड़ा है. अगर नीयत साफ होती तो लिस्ट डिजिटल, सर्चेबल और मशीन-रीडेबल होती – और ECI 30 दिन की हड़बड़ी में अंधाधुंध काम ठेलने के बजाय उचित समय ले कर पारदर्शिता और जवाबदेही पर ध्यान देता.”

सत्ता की रक्षा में लोकतंत्र की बलि : राहुल गांधी

राहुल गांधी ने एक्स पर आगे लिखा- “SIR एक सोची-समझी चाल है – जहां नागरिकों को परेशान किया जा रहा है और BLOs की अनावश्यक दबाव से मौतों को कोलैटरल डैमेज मान कर अनदेखा कर दिया है. यह नाकामी नहीं, षड़यंत्र है – सत्ता की रक्षा में लोकतंत्र की बलि है.”

मल्लिकार्जुन खरगे ने भी SIR पर बोला हमला

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी SIR  पर हमला बोला. उन्होंने एक्स पर पोस्ट डाला और लिखा- मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का जल्दबाजी में किया गया क्रियान्वयन नोटबंदी और कोविड-19 लॉकडाउन की याद दिलाता है.

खरगे ने अपने पोस्ट में क्या लिखा?

खरगे ने एक्स पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा की. जिसमें दावा किया गया है कि मतदाता सूची के SIR  के दौरान 19 दिन में 16 बीएलओ की मौत हो चुकी है. खरगे ने लिखा, ‘‘मेरी संवेदनाएं हर उस परिवार के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है. जमीनी हकीकत की बात करें तो मृतकों की वास्तविक संख्या बताई गई संख्या से कहीं ज्यादा है, जो बेहद चिंताजनक है. इन परिवारों को न्याय कौन दिलाएगा?. भाजपा चोरी से हासिल सत्ता की मलाई खाने में व्यस्त है और निर्वाचन आयोग मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रहा है. SIR  का जल्दबाजी में, अनियोजित तरीके से जबरन क्रियान्वयन नोटबंदी और कोविड-19 लॉकडाउन की याद दिलाता है.’’

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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