राहुल गांधी ने अमित शाह से पूछा, पैलेट गन और छात्रों को लाठियों से पीटने का आदेश किसने दिया?

दिल्ली में छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर हुए लाठीचार्ज, पैलेट गन के इस्तेमाल और अयोध्या राम मंदिर में हुई कथित चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री से तीन प्रमुख मांगों को लेकर जवाब मांगा है.

राहुल गांधी ने अमित शाह पर हमला करते हुए कहा, गृह मंत्री को साफ करना होगा कि जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हमले का आदेश उनका था या नहीं. उन्होंने कहा, "अगर अमित शाह ने आदेश दिया था तो वे बच्चों पर गोली चलवाने के दोषी हैं, और अगर उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी तो वे अक्षम हैं. दोनों ही स्थितियों में उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए." राहुल गांधी ने गृह मंत्री के वक्तव्य की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष को किसी मनगढ़ंत भाषण में दिलचस्पी नहीं है, बल्कि वह सिर्फ इस बात का जवाब चाहता है कि एमएचए में इस हिंसा का आदेश किसने जारी किया था.


शाह बताएं छात्रों पर पैलेट गन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल क्यों किया गया : खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, "हमारी पहली मांग है कि केंद्रीय गृह मंत्री आकर बताएं कि छात्रों पर पैलेट गन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल क्यों किया गया. मोदी जी के भरोसेमंद ट्रस्टियों ने राम मंदिर में चोरी की. विपक्षी पार्टियों ने मांग की कि पीएम खुद इस बारे में जानकारी दें. लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है. हमारी तीसरी मांग है कि पीएम इन दोनों मुद्दों पर जनता से माफी मांगें. पीएम और गृह मंत्री ने पिछले 15 दिनों में इन मुद्दों पर कुछ नहीं कहा है. हम इन सभी मुद्दों पर लड़ रहे हैं."


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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