राघव चड्ढा ने कहा-मैं घायल हूं इसलिए घातक हूं, आम आदमी पार्टी के आरोप झूठे

Raghav Chadha : आम आदमी पार्टी और राघव चड्ढा के बीच शुरू हुआ विवाद गहराता जा रहा है. पार्टी के एक्शन के बाद राघव चड्ढा ने भी बाॅलीवुड स्टाइल में पलटवार कर दिया है और पार्टी को झूठा बता दिया है.

Raghav Chadha : आम आदमी पार्टी द्वारा लगाए गए आरोपों को झूठ बताते हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी पर पलटवार करते हुए कहा है कि मैं घायल हूं इसलिए घातक हूं. राज्यसभा में उप नेता के पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा ने धुरंधर के अंदाज में पलटवार किया है. उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट कर अपने ऊपर लगाए गए आरोपों का जवाब दिया है.

राघव चड्ढा ने कहा कि पार्टी अपने झूठ को साबित करे

राघव चड्ढा ने अपने वीडियो में कहा कि उनके खिलाफ एक अभियान चलाया जा रहा है. पहले उन्होंने सोचा कि इसका जवाब ना दिया जाए,फिर उन्हें लगा कि अगर ऐसा किया गया, तो पार्टी का झूठ सच साबित हो सकता है. राघव चड्ढा ने कहा कि मुझपर तीन आरोप लगाए गए हैं-

  1. विपक्ष जब सदन से वॉक-आउट करता है तो मैं सदन में बैठा रहता हूं, यह बिलकुल झूठा आरोप है.
  2. चीफ इलेक्शन कमिश्नर पर महाभियोग चलाने के विपक्ष के प्रस्ताव पर साइन नहीं किया, यह भी झूठ है, पार्टी ने मुझसे ऐसा कुछ भी करने को नहीं कहा था.
  3. मैं बीजेपी से डरता हूं,मैंने सदन में हर जरूरी मुद्दे उठाए. जीएसटी से लेकर इनकम टैक्स तक, पंजाब के पानी से लेकर दिल्ली की हवा तक, सरकारी स्कूल की हालत और पब्लिक हेल्थ केयर इंस्टीट्यूशन को मजबूत करने के तरीकों, पीरियड्स हेल्थ, बेरोजगारी से लेकर महंगाई तक सभी मुद्दों पर बात की. मुझपर पार्टी जो आरोप लगा रही है, वो गलत है.

राघव चड्ढा को पार्टी ने समझौता करने वाला बताया

दो अप्रैल को आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उप नेता के पद से हटा दिया और उनपर पार्टी लाइन के अनुसार काम नहीं करने का आरोप लगाया.पार्टी के एक्स हैंडल पर कई ऐसे वीडियो पोस्ट किए गए, जिसमें यह बताया गया कि उन्हें अरविंद केजरीवाल ने राज्यसभा तक पहुंचाया, लेकिन उन्होंने केजरीवाल के आदर्शों को दरकिनार कर दिया.इसी वजह से पार्टी ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है.

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By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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