'खामोश हुआ हूं, हारा नहीं', राघव चड्ढा बोले- आम आदमी की बात करने से रोक रही पार्टी

Raghav Chadha: राघव चड्ढा ने अपनी ही पार्टी आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें संसद में जनता के मुद्दे उठाने से रोका जा रहा है. डिप्टी लीडर पद से हटने के बाद उनका यह बयान सामने आया है. इससे पार्टी में अंदरूनी विवाद की चर्चा तेज हो गई है.

Raghav Chadha: राघव चड्ढा ने अपनी ही आप पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि उन्हें जनता से जुड़े मुद्दे उठाने से रोका जा रहा है. यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया है.

वीडियो संदेश में क्या कहा

राघव चड्ढा पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और उनका कार्यकाल 2022 से 2028 तक है. उन्होंने अपने संदेश में कहा, “मुझे चुप कराया गया है, लेकिन मैं हारा नहीं हूं.” उनका कहना है कि उनकी आवाज दबाने की कोशिश हो रही है, लेकिन वह आम लोगों के मुद्दे उठाते रहेंगे.

वीडियो में उन्होंने बताया कि अब तक उन्होंने संसद में कई जरूरी मुद्दे उठाए हैं. जैसे एयरपोर्ट पर महंगे खाने की समस्या, ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियों जैसे स्विग्गी और जोमैटो के डिलीवरी बॉयज की दिक्कतें, बैंकिंग सेक्टर की परेशानियां और टोल प्लाजा पर लोगों को होने वाली समस्याएं. उनका कहना है कि ये सब आम आदमी से जुड़े मुद्दे हैं और इन्हें उठाना जरूरी है.

राघव बोले- पता नहीं क्यों, आवाज दबाने की हो रही कोशिश

राघव चड्ढा का आरोप है कि उनकी ही पार्टी उन्हें ऐसे मुद्दों पर बोलने से रोक रही है. उन्होंने कहा कि यह समझ नहीं आता कि जो पार्टी खुद को आम आदमी की आवाज बताती है, वही अब उनकी आवाज दबाने की कोशिश क्यों कर रही है. उनका यह भी दावा है कि संसद में उन्हें सवाल पूछने और बोलने का मौका न देने के निर्देश दिए गए हैं.

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद राजनीति में हलचल बढ़ गई है. लोग इसे पार्टी के अंदर चल रहे मतभेद के रूप में देख रहे हैं. हालांकि अभी तक पार्टी की तरफ से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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