Gujarat Election 2022: क्या राधनपुर सीट से इस बार अल्पेश ठाकोर को उम्मीदवार बनाएगी भाजपा ?

Gujarat Election 2022: अल्पेश ठाकोर ने कहा कि मुझे यहां से लड़ना है. मैं यहां इस सपने के साथ आया हूं कि राधनपुर में कोई असामाजिक तत्व सिर उठाने में कामयाब ना हो सके.

Gujarat Election 2022: गुजरात चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो चली है. इस बार का चुनाव कुछ रोचक नजर आ सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि इस बार चुनाव के मैदान पर भाजपा और कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी यानी आप भी नजर आने वाली है जो सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी है. इस बीच अल्पेश ठाकोर की चर्चा गुजरात की राजनीति में हो रही है जो पिछले चुनाव में कांग्रेस के साथ थे और बाद में भाजपा में शामिल हो गये थे.

राधनपुर सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा

भाजपा के नेता और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का प्रमुख चेहरा अल्पेश ठाकोर चुनाव के पहले सक्रिय हो गये हैं. उन्होंने कहा है कि वह आगामी गुजरात विधानसभा चुनाव पाटन जिले के राधनपुर सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा रखते हैं. आपको बता दें कि ठाकोर पाटीदार समुदाय को आरक्षण देने का विरोध करने के बाद प्रमुख ओबीसी नेता के तौर पर उभरे थे. उन्होंने वर्ष 2017 के चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर राधनपुर सीट से जीत का परचम लहराया था. हालांकि बाद में वे कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गये थे जिसकी वजह से उन्होंने इस सीट से इस्तीफा दे दिया था. अल्पेश ठाकोर को वर्ष 2019 में हुए उपचुनाव में राधनपुर से हार का सामना करना पड़ा था.

अल्पेश ठाकोर ने क्या कहा

महिला पशुपालकों को संबोधित करते हुए सोमवार को अल्पेश ठाकोर ने कहा कि मुझे यहां से लड़ना है. मैं यहां इस सपने के साथ आया हूं कि राधनपुर में कोई असामाजिक तत्व सिर उठाने में कामयाब ना हो सके. मैं इस सपने के साथ आया हूं कि परिवारों को पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार मिले एवं युवाओं को नौकरी के लिए अपना घर ना छोड़ना पड़े यानी पलायन न करना पड़े. ठाकोर जब अपनी बात रख रहे थे तो कार्यक्रम में भाजपा के पूर्व विधायक शंकर चौधरी भी मौजूद थे.

राधनपुर विधानसभा का समीकरण

राधनपुर विधानसभा सीट की बात करें तो यहां करीब 258424 मतदाता हैं जिसमें से 136646 पुरुष हैं. वहीं यहां 123777 महिला वोटर हैं. राधनपुर के पिछले कई चुनाव पर नजर डालें तो यहां कांग्रेस का पलड़ा भाजपा और दूसरी पार्टियों पर भारी दिखता है. देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस ने साल 1962, 1972, 1975, 1980, 1985, 2017 के बाद 2019 के उपचुनाव में भी जीत हासिल की थी. वहीं, भाजपा की बात करें तो वो केवल साल 2007, 2012, 2002, 1998 के विधानसभा चुनावों में ही जीत का स्वाद चख सकी है.

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Published by: Amitabh kumar

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