नयी दिल्ली : क्वॉड शिखर सम्मेलन में चीन को भारत द्वारा मजबूत संदेश दिये जाने के बाद से चीन तनाव में है. चीनी सरकार का मुखपत्र कहा जानेवाला ग्लोबल टाइम्स बौखला गया है. ग्लोबल टाइम्स के संपादक हू शिजिन ने ट्वीट कर कहा है कि चीन की एक इंच जमीन पर भी कब्जा करने में क्वॉड का तंत्र भारत की मदद नहीं करेगा.
ग्लोबल टाइम्स के संपादक हू शिजिन ने ट्वीट कर कहा है कि ”चीन की एक इंच जमीन पर भी कब्जा करने में क्वॉड का तंत्र भारत की मदद नहीं करेगा और ना ही जापान को चीन के तटरक्षक जहाजों को चीन के डियाओयू द्वीप समूह के पास पानी से दूर ले जाने में मदद की. यह एक कम गुणवत्ता वाला रणनीतिक निर्माण है, जो अमेरिका की सेवा करता है. यह केवल मनोवैज्ञानिक राहत दे सकता है.”
वहीं, इससे पहले भारत ने क्वॉड शिखर सम्मेलन में भारत ने चीन को मजबूत संदेश देते हुए कहा है कि लोकतांत्रिक मूल्यों और एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी भारत-प्रशांत क्षेत्र के प्रति हमारी प्रतिबद्धता से एकजुट हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी कहा है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग के लिए ‘क्वॉड’ एक महत्वपूर्ण मंच बनने जा रहा है.
मालूम हो कि क्वॉड शिखर सम्मेलन शुरू होने से पहले चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने बयान जारी कर कहा था कि क्वॉड के सदस्य देशों के बीच आदान-प्रदान और सहयोग आपसी समझ पर आधारित होना चाहिए. किसी तीसरे पक्ष को निशाना बनाने या तीसरे पक्ष के हितों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से लिए संगठन को मंच का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.
चीन ने कहा था कि क्वॉड को ”एक विशेष समूह” बनाने से बचना चाहिए. साथ ही उम्मीद जतायी थी कि क्वॉड का मंच वही कार्य करेगा, जो क्षेत्रीय शांति, स्थिरता एवं समृद्धि के हित में हो. मालूम हो कि क्वॉड अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत का एक समूह है. इसकी स्थापना साल 2007 में हुई थी.
