Punjab Floods Videos: 37 साल बाद पंजाब में सबसे भयंकर बाढ़, अब तक 30 लोगों की मौत, 2.56 लाख से अधिक प्रभावित

Punjab Floods: पंजाब, हरियाणा और दिल्ली सहित देश के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है. पिछले 37 साल के बाद पंजाब में भीषण बाढ़ आई है. जिसमें अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है और 2 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.

Punjab Floods: पंजाब 1988 के बाद सबसे भीषण बाढ़ से जूझ रहा है. अधिकारियों ने बताया कि विनाशकारी बाढ़ में अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है और 2.56 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद सतलुज, व्यास और रावी नदियों तथा बरसाती नालों में उफान के कारण राज्य के बड़े हिस्से में बाढ़ आ गई है.

पंजाब में बाढ़ का भयावह नजारा

पंजाब के ये जिले बाढ़ से प्रभावित

पंजाब के गुरदासपुर, पठानकोट, फाजिल्का, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर सहित कुल 12 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.

स्कूल 3 सितंबर तक बंद

मौजूदा खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए, केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के सभी स्कूल तीन सितंबर को बंद रहेंगे.’’ केंद्र शासित प्रदेश के स्कूल मंगलवार को भी बंद रहे.

पिछले 24 घंटे में पटियाला में सबसे अधिक बारिश

मौसम विभाग के अनुसार 24 घंटे की अवधि के दौरान पंजाब के कई स्थानों पर बारिश हुई. उसने बताया कि इस अवधि के दौरान अमृतसर में 18.3 मिमी, पटियाला में 70.5 मिमी, बठिंडा में पांच मिमी, फरीदकोट में एक मिमी, गुरदासपुर में 32.8 मिमी, मनसा में 10 मिमी और मोहाली में 44.5 मिमी बारिश हुई. लगातार हो रही भारी बारिश के साथ-साथ व्यास नदी और काली बेईं बरसाती नाले में बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर कपूरथला जिला प्रशासन ने जनता को परामर्श जारी कर नदियों के किनारे से दूर रहने को कहा है.

पीएम भगवंत मान ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया

राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का किया दौरा

पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित फिरोजपुर का दौरा किया और राहत एवं पुनर्वास कार्य का जायजा लिया. मुख्यमंत्री मान ने मंगलवार को एक बार फिर केंद्र से पंजाब के 60,000 करोड़ रुपये के ‘बकाया’ कोष जारी करने की मांग करते हुए कहा कि वह क्षेत्र में बाढ़ के मद्देनजर राज्य के अधिकारों की मांग कर रहे हैं, न कि इसके लिए ‘भीख’ मांग रहे हैं.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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