नशे की लत: चार बेटों को खो चुकी मां की गुहार, पांचवें बेटे की जिंदगी बचा लो सरकार

Video : पंजाब के सुल्तानपुर लोधी में एक बुजुर्ग दंपति का दर्दनाक हाल सामने आया है. उन्होंने बताया कि नशे की वजह से उनके चार बेटों की मौत हो चुकी है. अब उनका आखिरी बेटा भी लीवर की गंभीर बीमारी से बिस्तर पर पड़ा है.

Video : पति-पत्नी ने मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री भगवंत मान से अपने बेटे को बचाने की गुहार लगाई है. मनजीत कौर ने बिस्तर पर पड़े बेटे को दिखाते हुए कहा, मैं पांच बेटों की मां हूं, चार नशे ने छीन लिए. वह हाथ जोड़कर बोलीं, अगर ये भी चला गया तो इसके बच्चों को लेकर मैं कहां जाऊंगी?

परिवार वालों ने बताया कि 32 साल का सोनू दो साल के बेटे और छह महीने की बेटी का पिता है. उसे लीवर का गंभीर इंफेक्शन है. हालत इतनी खराब है कि वह न ठीक से बोल पा रहा है, न कुछ खा पा रहा है. एक सदस्य ने कहा, उसका लीवर पूरी तरह खराब हो चुका है.

‘चिट्टा’ मिल रहा है आसानी से

सोनू के पिता जोगिंदरपाल सिंह ने सरकार से गुहार लगाई कि इलाके को नशे की बुराई से बचाया जाए. सुल्तानपुर लोधी के पंडोरी मोहल्ले में कई महिलाएं भी इकट्ठा हुईं और बोलीं कि यहां ‘चिट्टा’ (एक तरह का नशा)  आसानी से मिल रहा है, जिस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने बताया कि इलाके के कई युवा इसकी लत में फंस चुके हैं.

आखिरी बेटे को बचा लें : मनजीत कौर

मनजीत कौर ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री भगवंत मान से हाथ जोड़कर गुहार लगाती हूं कि हमारी मदद करें और हमारे आखिरी बेटे को बचा लें. उन्होंने बताया कि बड़े बेटे के इलाज में सात लाख रुपये खर्च किए, फिर भी वह नहीं बच सका. तीन महीने बाद दूसरे बेटे की भी नशे की वजह से मौत हो गई, और कुछ सालों में दो और बेटों को भी खो दिया.

यह भी पढ़ें : Exclusive: ‘उड़ता पंजाब’ बन रहा बिहार, सूखे नशे की गिरफ्त में युवा, चुनाव में क्यों नहीं बना मुद्दा?

कई युवाओं की नशे से हो चुकी है मौत

कौर ने आंखों में आंसू लिए कहा कि हमारे इलाके से ‘चिट्टा’ पूरी तरह खत्म होना चाहिए. पुलिस को उन जगहों पर सख्ती से छापा मारना चाहिए, जहां नशा बेचा जाता है. वहां मौजूद एक और महिला ने एक बुजुर्ग की ओर इशारा कर कहा कि उनका बेटा भी नशे का शिकार है. उसने बताया कि पिछले कुछ सालों में कई युवाओं की नशे से मौत हो चुकी है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >