भारत का एक और दुश्मन ढेर: पुलवामा हमले की साजिश रचने वाला आतंकी बुरहान हमजा मारा गया

Burhan Hamza killed: पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड बुरहान हमजा मारा गया. पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई.

Burhan Hamza killed: बुरहान पाकिस्तान आधारित आतंकी नेटवर्क से जुड़ा था. उसे मुजफ्फराबाद में अज्ञात हमलावरों ने निशाना बनाया. 14 फरवरी 2019 को हुए पुलवामा हमले की साजिश रचने में बुरहान हमजा की बड़ी भूमिका थी. उस हमले में सीआरपीएफ (CRPF) के 40 जवान शहीद हो गए थे.

2022 में मोदी सरकार ने बुरहान को किया था आतंकवादी घोषित

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 2022 में बुरहान को आतंकवादी घोषित किया था. सरकार की ओर से तो अधिसूचना जारी की गई थी, उसमें कहा गया था- अरजुमंद गुलजार डार उर्फ ​​बुरहान उर्फ ​​डॉक्टर, उम्र 23 वर्ष, खरबतपोरा, रत्नीपोरा, पुलवामा का निवासी है. अल बदर का सहयोगी सदस्य है, जो UAPA के तहत नामित एक आतंकवादी संगठन है.

2017 में उच्च शिक्षा लेने के बहाने पाकिस्तान गया था बुरहान, बन गया आतंकवादी

बुरहान हमजा 2017 में उच्च शिक्षा हासिल करने के बहाने पाकिस्तान गया था. वहां जाकर वह आतंकी संगठन अल-बदर में शामिल हो गया. उसके बाद वह संगठन का कमांडर भी बन गया.

कैसे हुआ था पुलवामा हमला?

जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर सीआरपीएफ का एक बड़ा काफिला जा रहा था. इस काफिले में 78 बसें और गाड़ियां शामिल थीं. दोपहर में जब जवानों का काफिला पुलवामा से गुजर रहा था, तभी अचानक हमलावर ने अपनी कार को काफिले में चल रही बस से टकरा दिया. कार में भारी मात्रा में विस्फोटक मौजूद थे. टक्कर होते ही एक ऐसा भयानक धमाका हुआ. धमाका इतना शक्तिशाली था कि सीआरपीएफ की बस पूरी तरह से परखच्चे में तब्दील हो गई. हमले में बस में सवार 40 जवान मौके पर ही शहीद हो गए. हमले का जवाब भारत ने बालाकोट एयरस्ट्राइक के जरिए लिया था.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Arbindkumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >