पुडुचेरी में कांग्रेस गठबंधन को बड़ा झटका, सीएम नारायणसामी के आवास पहुंचे विधायक, सोमवार को शक्ति परीक्षण

Puducherry Congress Crisis Latest Updates क्रेंद्र शासित राज्य पुडुचेरी में कांग्रेस संकट में घिर गयी है. फ्लोर टेस्ट से पहले कांग्रेस गठबंधन की मुश्किल बढ़ती जा रही है. दरअसल, रविवार को कांग्रेस और डीएमके के एक-एक विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है. राजभवन विधानसभा क्षेत्र से विधायक लक्ष्मी नारायण के इस्तीफे बाद कांग्रेस गठबंधन के पास तेरह विधायक रह गए हैं. इन सबके बीच, पुडुचेरी में सोमवार को बहुमत परीक्षण से पहले कांग्रेस विधायक सीएम नारायणसामी के आवास पहुंचे और वर्तमान सियासी हालात पर गहन चर्चा हुई.

Puducherry Congress Crisis Latest Updates क्रेंद्र शासित राज्य पुडुचेरी में कांग्रेस संकट में घिर गयी है. फ्लोर टेस्ट से पहले कांग्रेस गठबंधन की मुश्किल बढ़ती जा रही है. दरअसल, रविवार को कांग्रेस और डीएमके के एक-एक विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है. राजभवन विधानसभा क्षेत्र से विधायक लक्ष्मी नारायण के इस्तीफे बाद कांग्रेस गठबंधन के पास तेरह विधायक रह गए हैं. इन सबके बीच, पुडुचेरी में सोमवार को बहुमत परीक्षण से पहले कांग्रेस विधायक सीएम नारायणसामी के आवास पहुंचे और वर्तमान सियासी हालात पर गहन चर्चा हुई.

गौर हो कि कांग्रेस और डीएमके के एक-एक विधायक के इस्तीफे के बाद कांग्रेस की सरकार अल्पमत में आ गई है. वहीं, सोमवार को कांग्रेस और डीएमके की सरकार को अपना बहुमत भी साबित करना है. उप राज्यपाल ने 22 फरवरी को पुडुचेरी विधानसभा का सत्र बुलाने का निर्देश किया है. शाम 5 बजे तक फ्लोर टेस्ट के माध्यम से इस बात का निर्णय लिया जाएगा कि किसके पास बहुमत है. बता दें कि पुडुचेरी में पांच दल सक्रिय हैं. 33 सीटों की विधानसभा में 30 विधायक चुनकर आते हैं. तीन सदस्य गैर निर्वाचित हैं. पुडुचेरी कांग्रेस का गढ़ माना जाता है. कांग्रेस ने पंद्रह सीटें जीतकर द्रमुक के तीन व एक निर्दलीय सदस्य के साथ मिलकर सरकार बनाई थी. चार विधायक पहले ही इस्तीफा दे चुके है.

पुडुचेरी में चुनाव की तारीखों का एलान होना बाकी

उल्लेखनीय है कि पुडुचेरी में तमिलनाडु के साथ चुनाव होना है और इसकी तारीखों का एलान होना बाकी है. इस बीच मचे सियासी घमासान को लेकर पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने केंद्र पर विपक्षी पार्टी एआईएनआरसी और अन्नाद्रमुक की मदद से उनकी सरकार को गिराने का प्रयास करने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि वो इस्तीफा नहीं देंगे और बहुमत साबित करेंगे. वहीं, उप राज्यपाल के कार्यालय से जारी बयान में कहा गया था कि संविधान के अनुच्छेद 239 में दी गई शक्तियों का उपयोग करते हुए राज्यपाल ने 22 फरवरी को पुडुचेरी विधानसभा का सत्र बुलाने का निर्देश किया है. शाम 5 बजे तक फ्लोर टेस्ट के माध्यम से इस बात का निर्णय लिया जाएगा कि किसके पास बहुमत है.

जानिए इस्तीफे के बाद क्या बोले लक्ष्मीनारायणन

कांग्रेस के पूर्व विधायक लक्ष्मीनारायणन ने इस्तीफा देते हुए कहा कि पार्टी में वरिष्ठ नेता होने के बावजूद मुझे मंत्री नहीं बनाया गया. कांग्रेस पार्टी अपना बहुमत खो चुकी है. मुझे कांग्रेस के मौजूदा संकट के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. साथ ही कहा, अपने समर्थकों से बातचीत के बाद मैं अपनी योजना के बारे में ऐलान करूंगा.

डीएमके विधायक ने भी दिया झटका

लक्ष्मीनारायणन के इस्तीफे के बाद पुडुचेरी के डीएमके विधायक के. वेंकटेशन ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. विधानसभा स्पीकर ने दोनों विधायकों का इस्तीफा प्राप्त करने के बाद कहा कि मुझे दो विधायकों के इस्तीफे प्राप्त हुए हैं. मैंने मुख्यमंत्री और विधानसभा सचिव को इस बारे में बता दिया है. इस्तीफों का निरीक्षण कर रहा हूं.

विपक्ष का दावा

इन सबके बीच, विपक्ष का दावा है कि मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी अपना बहुमत खो चुके हैं. अगर पुडुचेरी की मौजूदा कांग्रेस सरकार और विपक्षी पार्टियां सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत जुटाने से चूक जाती हैं तो राज्य में अगले तीन महीनों के लिए राष्ट्रपति शासन लग सकता है. केंद्रशासित प्रदेश में तीन महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं.

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