संसद में एंटी पेपर लीक बिल पर बहस: प्रियंका बोलीं- प्रधानमंत्री को कैमरे का एंगल नहीं, दिल का एंगल बदलना पड़ेगा

प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकसभा में केंद्र सरकार पर पेपर लीक और रोजगार के मुद्दों पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में कथित खामियों और घटते शिक्षा बजट पर सवाल उठाए.

लोकसभा मेंलोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को कैमरे का एंगल नहीं, बल्कि दिल का एंगल बदलना पड़ेगा. प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया कि देश के युवाओं पर पैलेट गन और AK-47 चलाने का आदेश किसने दिया. एएनआई न्यूजेंसी के मुताबिक, उन्होंने कहा कि क्या यह फैसला प्रधानमंत्री या गृह मंत्री ने लिया था? उन्होंने कहा कि पूरे देश को इसका जवाब चाहिए और सरकार को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए.

पेपर लीक और रोजगार पर सरकार को घेरा

प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने रोजगार देने वाले सभी क्षेत्रों को कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुईं, जिससे करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ। इसके बावजूद पेपर लीक माफिया के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई और किसी प्रमुख आरोपी को सजा नहीं मिली। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं का सरकार पर भरोसा लगातार कम होता जा रहा है।

केंद्र सरकार RSS प्रचारकों को भरकर हमारे शिक्षा सिस्टम को खोखला कर दिया है. उन्होंने NTA को जबरदस्ती लाकर और सिस्टम को सेंट्रलाइज करके मामलों को और उलझा दिया है. देश के कुल बजट में शिक्षा बजट ( 1.4 लाख करोड़ ) का हिस्सा हर साल बढ़ने के बजाय असल में घट रहा है... कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी

शिक्षा व्यवस्था पर लगाए गंभीर आरोप

कांग्रेस सांसद प्रियांका गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर दिया है. उन्होंने आरोप कि शिक्षा संस्थानों में आरएसएस प्रचारकों की नियुक्तियां बढ़ाई गईं और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के जरिए पूरी परीक्षा व्यवस्था का केंद्रीकरण कर दिया गया. उन्होंने यह भी कहा कि देश के कुल बजट में शिक्षा का हिस्सा लगातार घट रहा है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और अवसर दोनों प्रभावित हो रहे हैं.

पूर्व शिक्षा मंत्री को लेकर साधा निशाना

कांग्रेस नेत प्रियंका गांधी ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जिक्र करते हुए कहा कि जिस समय महाराष्ट्र में पेपर लीक से परेशान एक छात्रा के परिवार में शोक था, उसी समय संसद में उनका स्वागत और सम्मान किया गया. उन्होंने कहा कि जहां सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए था, वहां जश्न मनाया गया. उन्होंने सवाल किया कि ऐसी स्थिति में करोड़ों छात्र सरकार पर कैसे भरोसा करेंगे.

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By सत्येन्द्र गिरि

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