राष्ट्रपति के पास हर वक्त खड़ा ये अफसर क्या देखता रहता है? पूर्व ADC ऋषभ सांब्याल ने बताया चौंकाने वाला सच

President ADC : राष्ट्रपति के पास हमेशा मौजूद रहने वाले सैन्य अधिकारी के बारे में आप क्या जानते हैं? यह सिर्फ प्रोटोकॉल नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है.पूर्व ADC ऋषभ संब्याल ने बताया क्या होता है एडीसी की जिम्मेदारी?

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तस्वीरों में आपने अक्सर एक सैन्य अधिकारी को उनके ठीक पीछे या बेहद करीब खड़े देखा होगा. किसी कार्यक्रम में वह राष्ट्रपति के साथ चलता नजर आता है तो कभी चुपचाप उनके पीछे खड़ा रहता है. पहली नजर में यह प्रोटोकॉल का हिस्सा लगता है, लेकिन इस अधिकारी की जिम्मेदारी उससे कहीं बड़ी होती है.

यह अधिकारी राष्ट्रपति का एड-डी-कैम्प(Aide-de-Camp) यानी ADC होता है. पूर्व ADC मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने एक पॉडकास्ट में बताया कि इस पद पर रहते हुए अधिकारी की अकाउंटेबिलिटी क्या होती है? और सामान्य प्रोटोकॉल से इतर अधिकारी की जिम्मेदारी क्या-क्या होती हैं?

शार्प ऑब्जर्वेशन के साथ बेहद सतर्क रहने की आदत

  • सांब्याल के मुताबिक सैन्य प्रशिक्षण में ADC अधिकारियों की ऑब्जर्वेशन क्षमता को कठिन परिस्थितियों में परखा जाता है.
  • भारी वजन उठाने, कम नींद और शारीरिक थकान जैसी स्थितियों के बीच भी आसपास की चीजों को नोटिस करने की आदत विकसित कराई जाती है.
  • इसके लिए ऑब्जर्वेशन एक्सरसाइज कराई जाती हैं. रास्ते में जानबूझकर कुछ चीजें ऐसी जगह रख दी जाती हैं, जहां सामान्य नजर आसानी से न जाए.
  • बाद में अधिकारी से पूछा जाता है कि उसने रास्ते में क्या-क्या देखा. जिसका मकसद होता है कि शरीर थक सकता है, लेकिन आसपास को समझने वाली नजर सुस्त नहीं पड़नी चाहिए.

राष्ट्रपति के आसपास छोटी चीज भी क्यों महत्वपूर्ण है?

  • पॉडकास्ट में सांब्याल ने राष्ट्रपति की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील ऑपरेशनल तरीकों के बारे में विस्तार से बात नहीं की.
  • हालांकि, उन्होंने यह जरूर बताया कि राष्ट्रपति के आसपास मौजूद चीजों और परिस्थितियों को लेकर एहतियात बेहद महत्वपूर्ण होता है.
  • राष्ट्रपति के लिए इस्तेमाल होने वाली सामान्य चीजों को भी तय सुरक्षा प्रक्रियाओं के तहत देखा जाता है. किसी दूसरे स्थान पर कार्यक्रम हो तो वहां की तैयारियों को लेकर भी पहले से समन्वय किया जाता है.
  • सांब्याल ने बताया कि राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था में छोटी चीजों को भी नजरअंदाज नहीं किया जाता. उन्होंने पानी के गिलास का उदाहरण दिया. यह भी देखा जाता है कि पानी किसने भरा और उसकी सुरक्षा को लेकर जरूरी प्रक्रिया पूरी हुई या नहीं.

किसी ADC अफसर का काम क्या होता है

  • ADC अफसर के काम को लेकर आंसर करते हुए, ऋषभ संब्याल ने अपनी भूमिका को एक शब्द में समझाते हुए कहा कि सब कुछ.
  • इसका मतलब यह है कि एडीसी राष्ट्रपति के कार्यक्रमों, प्रोटोकॉल, जरूरतों और अलग-अलग टीमों के बीच समन्वय में अहम भूमिका निभाता है.
  • अगर किसी कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति को किसी अधिकारी या शीर्ष नेता से संवाद करना हो, तो उसके लिए जरूरी समन्वय भी एडीसी की जिम्मेदारियों का हिस्सा हो सकता है.
  • यानी कैमरे में दिखने वाला कुछ सेकंड का सीन, पर्दे के पीछे की लंबी तैयारी का सिर्फ एक छोटा हिस्सा होता है.

तीन साल की ड्यूटी के बाद ऋषभ संब्याल ने लिया रिटायरमेंट

मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने करीब तीन साल तक राष्ट्रपति मुर्मू के एडीसी के रूप में काम किया. इससे पहले वह भारतीय सेना में करीब 12 साल सेवा दे चुके थे. सितंबर 2026 में उन्होंने समय से पहले सेना से रिटायरमेंट लेने की जानकारी सार्वजनिक की.

उनकी बातों से यह समझ आता है कि राष्ट्रपति के पास खड़ा एडीसी केवल एक सैन्य अधिकारी नहीं होता. वह लगातार आसपास की स्थिति को समझने, राष्ट्रपति की जरूरतों का अनुमान लगाने और कार्यक्रम को सुचारू रखने की कोशिश करता है. यानी बाहर से यह भूमिका जितनी शांत दिखाई देती है, उसके पीछे उतनी ही ज्यादा तैयारी, अनुशासन और जिम्मेदारी होती है.

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By गौतम कुमार

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