प्रल्हाद जोशी ने शनिवार (25 जुलाई) को केंद्रीय शिक्षा मंत्री का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया. नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने कहा कि वह पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे. उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और छात्रों के हित में हर संभव प्रयास किए जाएंगे. इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया.
"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मैं अपनी पूरी क्षमता, समर्पण और ईमानदारी के साथ काम करूंगा और मुझे सौंपी गई जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाऊंगा." – प्रल्हाद जोशी
प्रभार संभालने के बाद प्रल्हाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन पर बड़ा भरोसा जताते हुए शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी है. उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि वह उनके मार्गदर्शन में पूरी ईमानदारी और मेहनत से काम करेंगे, ताकि शिक्षा मंत्रालय से जुड़ी लोगों और छात्रों की उम्मीदों पर खरा उतर सकें.
"मैं पूरी लगन, विनम्रता और ईमानदारी के साथ इस जिम्मेदारी का निर्वहन करूंगा." – प्रल्हाद जोशी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री
प्रल्हाद जोशी ने की धर्मेंद्र प्रधान की तारीफ
63 वर्षीय प्रल्हाद जोशी ने कहा कि पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नई शिक्षा नीति (NEP) को लागू करने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़े और महत्वपूर्ण कदम उठाए गए है.
"पिछले चार से पांच वर्षों में धर्मेंद्र प्रधान ने नई शिक्षा नीति (NEP) को लागू किया. इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल की गईं और देश ने नई शिक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय प्रगति की है." – प्रल्हाद जोशी
प्रल्हाद जोशी अपने मौजूदा मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी संभालते रहेंगे. शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद भी वह उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का काम देखते रहेंगे. कर्नाटक के धारवाड़ से लोकसभा सांसद जोशी अब इन सभी मंत्रालयों की जिम्मेदारी एक साथ संभालेंगे.
