Potato Price : मोदी सरकार करवाएगी झारखंड में आलू की कीमत कम? जानें बीजेपी सांसद ने लोकसभा में क्या कहा

Potato Price : लोकसभा में झारखंड के आलू का मामला हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल ने उठाया. उन्होंने कहा कि बंगाल सरकार के कदम से सबसे ज्यादा असर गरीबों पर पड़ा है.

Potato Price : झारखंड में आलू की किल्लत का मामला लोकसभा में उठा. हजारीबाग से सांसद मनीष जायसवाल ने झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच आलू व्यापार को लेकर जारी विवाद को उठाया. उन्होंने कहा कि इसका सबसे ज्यादा असर झारखंड के गरीब लोगों पर पड़ेगा. पश्चिम बंगाल के आलू व्यापारियों ने धमकी दी है कि यदि राज्य सरकार दूसरे राज्यों को आलू बेचने पर लगी रोक नहीं हटाती है, तो वे हड़ताल पर चले जाएंगे.

मनीष जायसवाल ने केंद्र की मोदी सरकार से पश्चिम बंगाल और झारखंड के बीच अंतर-राज्यीय विवाद में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया. पश्चिम बंगाल ने स्थानीय बाजारों में आलू की कीमतों को नियंत्रित करने के प्रयास में पड़ोसी राज्यों को आलू बेचने पर फिर से प्रतिबंध लगा दिया है. इससे झारखंड के बाजारों में आलू 35-40 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है. बंगाल से आवक कम होने के कारण झारखंड में आलू की किल्लत बढ़ गयी है.

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अड़ीं

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को राज्य विधानसभा में आलू की किल्लत पर अपनी राय रखी. उन्होंने इसकी बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाया. साथ ही कहा कि फिलहाल आलू का अंतरराज्यीय व्यापार पर रोक जारी रहेगी. सोमवार को ही खाद्य भवन में बंगाल के कृषि विपणन मंत्री बेचाराम मन्ना ने आलू व्यवसायियों और कोल्ड स्टोर के मालिकों के संगठनों के साथ त्रिपक्षीय बैठक की. इसका कोई नतीजा नहीं निकला.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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