Pollution: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से निपटने के लिए केंद्र ने उच्च-स्तरीय बैठक का किया आयोजन

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए बुधवार को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में सभी संबंधित राज्य, केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों से दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए पिछली पांच बैठकों में लिए गए सभी निर्णयों के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन में तेजी लाने को कहा.

Pollution: दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण एक बड़ी समस्या बना हुआ है. शीर्ष अदालत भी प्रदूषण के मामले पर गहरी चिंता जाहिर करते हुए केंद्र और विभिन्न एजेंसियों को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा है. दिल्ली में प्रदूषण का मामला संसद भी पहुंच चुका है. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल के सांसद दिल्ली में प्रदूषण की खराब स्थिति को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. साथ ही सरकार से प्रदूषण रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं.


बुधवार को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में सभी संबंधित राज्य, केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों से दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए पिछली पांच बैठकों में लिए गए सभी निर्णयों के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन में तेजी लाने को कहा. बैठक में दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री मनिंदर सिंह सिरसा भी मौजूद रहे. 


बैठक में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि प्रदूषण से निपटने के लिए हर पहलू पर बारीकी से चर्चा की गयी. प्रदूषण से निपटने के लिए सड़क विकास और मरम्मत, फुटपाथों को धूल नियंत्रण से मुक्त बनाने के उपाय, निर्माण और विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन, स्मार्ट यातायात प्रबंधन, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और खुले स्थानों को हरा-भरा बनाने की रणनीति पर मंथन किया. 


प्रदूषण नियंत्रण पर रोडमैप तैयार करने का दिया निर्देश


केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने सभी हितधारकों से आने वाले वर्ष के लिए विस्तृत वार्षिक कार्य योजना तैयार करने का अनुरोध किया ताकि प्रदूषण के स्रोत पर ही नियंत्रित किया जा सके. एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार की दिशा में सक्रिय योजना सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रोडमैप तैयार करने को कहा. साथ ही प्रदूषण नियंत्रण के लिए चलायी जा रही योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित करने, सीक्यूएम द्वारा आयोजित बैठक में पंजाब और हरियाणा सरकार के कृषि विभागों के साथ पराली जलाने पर केंद्रीय आवास और शहरी विकास मंत्रालय के साथ नियोजित शहरी विकास की नई पहलों पर और एनसीआर शहरों के स्थानीय निकायों के साथ प्रदूषण के स्थानीय कारणों से निपटने पर चर्चा पर विचार करने को कहा. 

भीड़भाड़ वाले जगहों पर स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन समाधानों पर जोर 


बैठक में सभी मुद्दों पर चर्चा करते हुए दिल्ली-एनसीआर में उद्योगों द्वारा उत्सर्जन मानकों के अनुपालन के मुद्दे पर यह निर्णय लिया गया कि दोषी इकाइयों को ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (ओसीईएमएस) और वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों (एपीसीडी) की त्वरित स्थापना होनी चाहिए. यातायात के दौरान भीड़भाड़ के संबंध में इस बात पर ज़ोर दिया गया कि दिल्ली में 62 चिन्हित हॉट-स्पॉट पर दिल्ली पुलिस द्वारा स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन समाधानों के जरिये से तत्काल कार्रवाई हो और यातायात संबंधी समस्याओं को जल्द से जल्द हल करने के लिए अल्पकालिक उपाय लागू किए जाएं. 
इसके अलावा अतिक्रमण और अवैध पार्किंग हटाने, व्यस्त यातायात के समय विशेष पुलिस तैनाती, फुट-ओवर ब्रिज के लिए निविदाएं जारी करने आदि जैसे कार्यों में तेजी लाने को कहा गया. एनसीआर के अन्य शहरों के लिए भी इसी तरह की कार्य योजनाओं को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया. 

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Published by: Vinay tiwari

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