जासूसी का खुलासा: भारत को दहलाना चाहता था पाकिस्तान, सोशल मीडिया से मंगवा रहा था जानकारी

पाकिस्तान से जुड़े एक गिरोह के दो लोगों को पुलिस ने यूपी के हापुड़ से गिरफ्तार किया है. इन पर आरोप है कि ये अहम जगहों और धार्मिक स्थलों की जानकारी बाहर भेज रहे थे. जानें कैसे पुलिस ने इन्हें दबोचा.

हापुड़ के धौलाना इलाके से पुलिस ने पाकिस्तान से जुड़े गैंग के दो लोगों को पकड़ा है. इन पर आरोप है कि ये अपने आकाओं को धार्मिक जगहों और अहम लोकेशन की फोटो, वीडियो और जानकारी भेज रहे थे. पकड़े गए लोगों के नाम अजीम राणा और आजाद राजपूत हैं, जो धौलाना और मेरठ के रहने वाले हैं. पुलिस ने मामले की जानकारी 19 मार्च को शेयर की.

आईएसआई से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में थे आरोपी

पुलिस ने बताया कि धौलाना पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है. उनके पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. शुरुआती जांच में पता चला कि राणा दिल्ली के एक मॉल में सूखे मेवे का ठेला लगाता है जबकि राजपूत गुरुग्राम की एक पाइप फैक्टरी में ठेकेदार के रूप में काम करता है. सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि ये दोनों दिसंबर 2025 से सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आईएसआई से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में थे.

आरोपियों ने पूछताछ में क्या कबूला?

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बहुत कुछ कबूल किया है. उन्होंने पश्चिमी दिल्ली के एक मेट्रो स्टेशन, पास के मंदिर और आसपास की कॉलोनियों की फोटो, वीडियो और लोकेशन अपने आकाओं को भेजी थी. इसके अलावा ग्रेटर नोएडा के बिसरख इलाके के एक मंदिर से जुड़ी जानकारी भी उन्होंने इसी तरह शेयर की. पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है. इनके बाकी लिंक खंगाले जा रहे हैं.

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पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ये संदिग्ध सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए अपने आकाओं से लगातार जुड़े हुए थे. उन्होंने दिल्ली के एक बड़े मंदिर की भी रेकी की थी. आरोपी अपने पाकिस्तान में बैठे आकाओं के कहने पर ये सारी जानकारी भेज रहे थे. इससे शक है कि धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की कोई बड़ी साजिश रची जा रही थी. इस जानकारी का इस्तेमाल पहले की तरह किसी बड़े आतंकी हमले की साजिश के लिए किया जाना था.

आरोपी कैसे किये गये गिरफ्तार

गिरफ्तारियां केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के बाद हुई हैं. इसके बाद आईबी और एटीएस समेत कई एजेंसियां जांच में जुट गई हैं और आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि नेटवर्क के बाकी लोगों की पहचान करने की कोशिश जारी है. आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों को भी ढूंढा जा रहा है. साथ ही पुलिस धौलाना इलाके में इनके स्थानीय संपर्कों की भी जांच कर रही है.

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Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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