POK में महंगाई से कराह रहे लोग, एस जयशंकर बोले- जल्द पाकिस्तान के कब्जे से आजाद होगा पीओके

POK: पाकिस्तान के कब्जे (पीओके) वाले कश्मीर में गेहूं के आटे, बिजली की ऊंची कीमतों और अधिक कर के खिलाफ शुरू की गई पूर्ण हड़ताल सोमवार को चौथे दिन भी जारी रही. जिससे पूरे क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.

POK: मुजफ्फराबाद में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने कहा, पीओके भारत का था, है और हमेशा रहेगा. उन्होंने कहा, एक दिन पाकिस्तान का कब्जा खत्म कर देंगे और पीओके भारत में शामिल हो जाएगा. दरअसल जयशंकर ने यह बात एक सेमिनार में कही. उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा, मोदी सरकार की सोच ये है कि कश्मीर को देश के साथ कैसे जोड़ा जाए, दूसरी ओर, आप देखिए कि धारा 370 को कौन चलाना चाहता था, इसमें किसकी रुचि थी. विदेश मंत्री ने फारूक अब्दुल्ला के उस बयान का भी जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कहा था, पाकिस्तान भी चूड़ियां नहीं पहनी हैं. एस जयशंकर ने कहा, पाकिस्तान के परमाणु हथियारों से डरकर वे सोचते हैं कि हमें पीओके के बारे में बात नहीं करनी चाहिए, लेकिन मैं साफ कर देना चाहता हूं कि पीओके भारत का था, है और हमेशा रहेगा. हमें भारत के परमाणु हथियारों पर गर्व है.

पीओके में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

पीओके में महंगाई को लेकर सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुई हैं. साथ ही पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. झड़प में कम से कम एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे. घायलों में ज्यादातर पुलिसकर्मी थे.

क्या है लोगों की मांग

जम्मू कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के सदस्य क्षेत्र में जलविद्युत उत्पादन लागत के अनुसार बिजली की कीमतों को तय करने, गेहूं के आटे पर सब्सिडी और कुलीन वर्ग के विशेषाधिकारों को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं.

प्रदर्शन को दबाने में पाक सरकार विफल

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़प पर चिंता जाहिर करते हुए रविवार को कहा, कानून को अपने हाथ में लेने को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने पीओके के तथाकथित प्रधानमंत्री चौधरी अनवारुल हक से बात की है और क्षेत्र के सभी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन पदाधिकारियों को एक्शन कमेटी के नेताओं से बात करने का भी निर्देश दिया है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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