Video : जब पीएम मोदी बोले-‘सुन रहे हो न, विनोद’, लोगों ने लगाये ठहाके

Video : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (4 जुलाई) को अपने संबोधन में फेमस डायलॉग ‘‘सुन रहे हो न, विनोद’’ का इस्तेमाल किया, जिससे वहां मौजूद लोगों ने तुरंत तालियां बजाईं और ठहाके लगाए. देखें वीडियो.

Video : मोदी ने साणंद में ‘सीजी सेमी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट’ सुविधा का उद्घाटन किया. इस मौके पर ‘सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस’ के चेयरमैन वेल्लायन सुबैया ने अपने संबोधन में गुजराती की कहावतों का भी इस्तेमाल किया. सुबैया ने कहा कि सरकार का विकास का नजरिया बिल्कुल स्पष्ट है. अब उद्योग जगत की जिम्मेदारी है कि वह उसी दिशा में आगे बढ़े. ‘निशान चूक माफ, पण नहीं माफ नीचू निशान’ (ऊंचे लक्ष्य को हासिल न कर पाना माफ किया जा सकता है, लेकिन छोटा लक्ष्य तय करना माफ नहीं किया जा सकता). महोदय, हम निश्चित रूप से अपने लक्ष्य छोटे नहीं रखना चाहते.’’

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भी गुजराती की कहावतों का उल्लेख किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि सुबैया जी ने गुजराती की एक कहावत कही—‘निशान चूक माफ, पण नहीं माफ नीचू निशान’. मैं कभी छोटे लक्ष्य नहीं रखता, न ही छोटी सोच रखता हूं. यदि मुझे कोई प्रतिमा बनानी हो, तो मैं उसे दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा बनाऊंगा.’’ प्रधानमंत्री का यह बयान स्पष्ट रूप से सरदार वल्लभभाई पटेल की ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के संदर्भ में था. मोदी ने कहा कि और सुबैया जी ने ‘काम बोले छे’ भी कहा… ‘सुन रहे हो न, विनोद’… काम बोलता है. यह सुनते ही सभा में मौजूद लोग और मंच पर उपस्थित अन्य लोग ठहाके लगाने लगे. देखें पीएम मोदी के बयान का वीडियो जो अब वायरल हो रहा है.

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : amitabh.kumar@prabhatkhabar.in

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