भारत और जापान के संबंध और मजबूत होंगे, जिसका लाभ दोनों देशों को आर्थिक क्षेत्र में भी मिलेगा : पीएम मोदी

वार्ता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने मुझे मई में हिरोशिमा में आयोजित होने वाली जी7 की बैठक में शामिल होने का न्यौता दिया है, जिसके लिए मैं उनका शुक्रगुजार हूं.

भारत की जी20 अध्यक्षता और जापान की जी7 अध्यक्षता के भारत और जापान के मैत्री संबंध काफी पुराने हैं और आज जबकि भारत जी20 और जापान जी7 की अध्यक्षता कर रहा है, यह जरूरी है कि दोनों देश साथ मिलकर काम करें, यह एक सुअवसर है. उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के साथ बातचीत के बाद कही.

जी7 की बैठक में शामिल होंगे पीएम मोदी

वार्ता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैंने जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा को भारत की जी20 की अध्यक्षता की प्राथमिकताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी है. उन्होंने मुझे मई में हिरोशिमा में आयोजित होने वाली जी7 की बैठक में शामिल होने का न्यौता दिया है, जिसके लिए मैं उनका शुक्रगुजार हूं.


दोनों देश करते हैं एक दूसरे का सम्मान

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले एक साल में हम कई बार मिले हैं, यह मुलाकात दोनों देशों के बीच बेहतर संबंध बनाने में सहायक है. उम्मीद है आने वाले दिनों में जब हम दोबारा मिलेंगे तो हमारे संबंध और निखरेंगे. भारत और जापान के विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी हमारे आपसी लोकतांत्रिक मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सम्मान पर आधारित है.

3,20,000 करोड़ रुपये निवेश की योजना

बातचीत के दौरान दोनों देशों ने वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के विस्तार का संकल्प लिया और कहा कि दोनों देशों के साथ रहने से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता रहेगी. पीएम मोदी ने इस मौके पर भारत में पांच लाख करोड़ येन (3,20,000 करोड़ रुपये) के निवेश के जापान के लक्ष्य का उल्लेख भी किया. उन्होंने कहा कि इस दिशा में संतोषजनक कार्य हो रहा है.

दोनों देशों के बीच बढ़ रहा है आर्थिक सहयोग

वहीं वार्ता के बाद जापान के पीएम किशिदा ने कहा कि भारत के साथ हमारा जो आर्थिक सहयोग तेजी से बढ़ रहा है, वह न केवल भारत को विकास के रास्ते पर आगे लेकर जायेगा, बल्कि जापान के लिए भी महत्वपूर्ण आर्थिक अवसर पैदा करेगा.

वार्ता के लिए आज भारत पहुंचे हैं फुमियो किशिदा 

गौरतलब है कि जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा आज भारत पहुंचे हैं वे यहां रक्षा, व्यापार व निवेश तथा उच्च प्रौद्योगिकी सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के मुद्दे पर बातचीत करेंगे. मोदी और किशिदा के बीच व्यापक वार्ता में चीन की बढ़ती सैन्य मुखरता की पृष्ठभूमि में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उभरती स्थिति के बारे में भी चर्चा होने की संभावना है.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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