Swachh Bharat Mission: पीएम मोदी के स्वच्छ भारत मिशन ने बचाई 70000 नवजातों की जान, रिसर्च में दावा

Swachh Bharat Mission: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत मिशन की वजह से 70 हजार नवजातों की जान बच गई है. यह दावा एक अध्ययन में किया गया है.

Swachh Bharat Mission: अध्ययन में यह दावा किया गया है कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्मित शौचालयों से शिशु मृत्यु दर में हर साल लगभग 60,000-70,000 की कमी आई है.

अमेरिका के शोधकर्ताओं ने 600 से अधिक जिलों को लेकर किया रिसर्च

अंतरराष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान, अमेरिका के शोधकर्ताओं सहित एक टीम ने 20 वर्षों के दौरान 35 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 600 से अधिक जिलों में किए गए राष्ट्रीय स्तरीय सर्वेक्षणों के आंकड़ों का अध्ययन किया. ‘साइंटिफिक रिपोर्ट्स’ नामक पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्मित शौचालय की उपलब्धता और 2000 से 2020 तक पांच वर्ष से कम आयु के शिशुओं और बच्चों की मृत्यु में कमी के बीच संबंधों की जांच की गई. परिणामों से पता चला कि जिला स्तर पर शौचालय तक पहुंच में औसतन 10 प्रतिशत अंकों का सुधार होने से शिशुओं की मृत्यु दर में 0.9 अंकों की कमी आई तथा पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर में 1.1 अंकों की कमी आई.

रिसर्च में क्या पाया गया

अध्ययन के बाद कहा गया कि भारत में शौचालय तक पहुंच और बच्चों की मृत्यु दर में संबंध रहा है. अध्ययन में पाया कि किसी जिले में शौचालय तक पहुंच में 30 प्रतिशत या उससे अधिक की वृद्धि से शिशु और बच्चों की मृत्यु में पर्याप्त कमी आई. रिसर्च में कहा गया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालयों से शिशु मृत्यु दर में प्रति वर्ष 60-70 हजार की कमी आई है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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