परिसीमन पर पीएम मोदी ने दी गारंटी, कहा- किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा

PM Modi In Parliament: महिला आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन आयोग के गठन से जुड़े विधेयकों पर संसद में चर्चा जारी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लोकसभा में इस बिल पर चर्चा का जवाब दिया.

PM Modi In Parliament: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक पर लोकसभा में कहा- हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि हमें देश की आधी आबादी से जुड़ी राष्ट्र-निर्माण की इतनी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिला है. हम सांसदों को इस महत्वपूर्ण अवसर को हाथ से जाने नहीं देना चाहिए. हम भारतीय मिलकर देश को एक नई दिशा देने जा रहे हैं. हम अपनी शासन व्यवस्था में संवेदनशीलता लाने का एक सार्थक प्रयास करने जा रहे हैं. यह न केवल देश की राजनीति को आकार देगा, बल्कि यह देश की दिशा और दशा भी तय करेगा.

परिसीमन पर क्या बोले पीएम मोदी?

परिसीमन आयोग के गठन से जुड़े विधेयक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- किसी के साथ भेदभाव नहीं होगी. सीटों का अनुपात पहले की तरह ही बना रहेगा, यह मेरी गारंटी है.

महिला आरक्षण का विरोध करने वालों को लंबे समय तक कीमत चुकानी पड़ेगी : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण अधिनियम संबंधी संविधान संशोधन विधेयक का समर्थन करने की अपील की. उन्होंने कहा- इसे राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है और जो भी इसका विरोध करेंगे उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. उन्होंने महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक, 2026 और संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 पर यह भी कहा कि इस विषय को राजनीति के तराजू से नहीं तौलना चाहिए.

जिसने भी महिलाओं के अधिकार का विरोध किया, देश उन्हें माफ नहीं किया : पीएम मोदी

PM मोदी ने कहा, महिला को मिलने वाले अधिकार का जिस-जिस ने विरोध किया, महिलाओं ने उन्हें माफ नहीं किया, उनका बुरा हाल हुआ. 2024 के चुनाव में यह नहीं हुआ, क्योंकि (2023 में) सबने मिलकर इसे पारित किया था. उन्होंने कहा कि जिन्हें इसमें राजनीतिक बू आ रही है, वे पहले के परिणामों को देख लें.

महिला आरक्षण और परिसीमन देश के लोकतंत्र के पक्ष में: पीएम मोदी

लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर बोलते हुए PM मोदी ने कहा, यह देश के लोकतंत्र के पक्ष में होगा, यह देश की सामूहिक निर्णय-प्रक्रिया के पक्ष में होगा, और इसका श्रेय हम सभी को मिलेगा. न तो सरकार इसका एकमात्र हकदार होगी, न ही मोदी इसका एकमात्र हकदार होगा, और न ही यहां बैठे सभी लोग इसके एकमात्र हकदार होंगे. मैं चाहूंगा कि जो लोग इसमें राजनीति की बू सूंघते हैं, वे पिछले 30 सालों में अपने नजरिए की जांच करें और देखें कि क्या इसमें कोई फायदा है. मेरा मानना ​​है कि इसे कोई राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है.

पीएम मोदी ने सपा सांसद धर्मेंद्र यादव को दिया जवाब

लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “धर्मेंद्र यादव (समाजवादी पार्टी के सांसद) जी, मेरा परिचय कराने के लिए मैं आपका बहुत आभारी हूं. यह सच है कि मैं एक बहुत ही पिछड़े समुदाय से आता हूं. अखिलेश जी मेरे मित्र हैं, इसलिए वे कभी-कभी मेरी मदद करते हैं. मैं देशवासियों का ऋणी हूं और मैं उन समाज-निर्माताओं का भी ऋणी हूं जिनकी वजह से मैं आज यहां हूं.

देश की 50% आबादी नीति-निर्माण का हिस्सा बने : पीएम मोदी

लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 21वीं सदी में भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है. आज हम सभी दुनिया में भारत की स्वीकार्यता को महसूस करते हैं. यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है. मेरा मानना ​​है कि ‘विकसित भारत’ का मतलब केवल रेलवे, सड़कें, बुनियादी ढांचा, या आर्थिक या प्रगति के आंकड़े ही नहीं हैं. हम ‘विकसित भारत’ को लेकर इतनी संकीर्ण सोच रखने वाले लोग नहीं हैं. हम एक ऐसा ‘विकसित भारत’ चाहते हैं, जहां नीति-निर्माण में ‘सबका साथ, सबका विकास’ का मंत्र सही मायने में साकार हो. यह समय की मांग है कि देश की 50% आबादी नीति-निर्माण का हिस्सा बने.

महिला आरक्षण 25-30 साल पहले ही लागू कर देना चाहिए था : पीएम मोदी

लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, जरूरत यह थी कि जब 25-30 साल पहले पहली बार यह विचार आया था, और इसकी जरूरत महसूस हुई थी, तो हमें इसे लागू कर देना चाहिए था; और आज हम इसे एक परिपक्व चरण तक ले आए हैं. जरूरत के हिसाब से, इसमें समय-समय पर सुधार भी किया जाता है, और यही लोकतंत्र की खूबसूरती है. हमारा देश ‘लोकतंत्र की जननी’ है. हमारा लोकतंत्र हजारों सालों से विकास की एक यात्रा रहा है, और इस सदन में हम सभी को इस विकास यात्रा में एक नया आयाम जोड़ने का शुभ अवसर मिला है.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

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एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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