प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जयपुर में पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के 58वें अखिल भारतीय सम्मेलन में कहा, पुलिस को डंडे के बजाय ‘डेटा’ के साथ काम करने की जरूरत. पीएम मोदी ने तीन नये कानून को लेकर कहा, आपराधिक कानून ‘नागरिक पहले, गरिमा पहले, न्याय पहले’ की भावना के साथ बनाए गए हैं. तीन नए कानूनों का अधिनियमन भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली में एक आदर्श बदलाव है. पीएम मोदी ने महिला सुरक्षा पर बल देते हुए कहा, महिला सुरक्षा पर ध्यान दें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे ‘कभी भी और कहीं भी’ निडर होकर काम कर सकें.
तीन नये कानून में महिलाओं और लड़कियों के अधिकार और सुरक्षा पर फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, नए आपराधिक न्याय कानूनों के तहत महिलाओं और लड़कियों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के बारे में जागरूक करने पर विशेष ध्यान दिया गया है.
पुलिस को खुद को आधुनिक और विश्व स्तरीय बल में बदलना चाहिए : मोदी
वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने के लिए भारतीय पुलिस को खुद को आधुनिक और विश्व स्तरीय बल में बदलना चाहिए.
भारत एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभर रहा: मोदी
भारत के पहले सौर मिशन-आदित्य-एल1 की सफलता और भारतीय नौसेना द्वारा अरब सागर में अपहृत जहाज से 21 चालक दल के सदस्यों को तेजी से बचाने पर प्रकाश डालते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा, ऐसी उपलब्धियां दिखाती हैं कि भारत एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभर रहा है. उन्होंने कहा कि आदित्य-एल1 की सफलता चंद्रयान-3 मिशन की सफलता के समान है. उन्होंने भारतीय नौसेना के सफल ऑपरेशन पर भी गर्व जताया.
आदित्य-एल1 मिशन पर पीएम मोदी बोले- यह भारत के सामर्थ्य का शानदार प्रदर्शन
पुलिस महानिदेशकों और महानिरीक्षकों के अखिल भारतीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, भारत की आदित्य-एल1 धरती से 15 लाख किलोमीटर की दूरी तय करके अपने लक्ष्य पर निर्धारित समय पर पहुंच चुकी है. यह वो स्थान है जहां आदित्य एल1 के सामने सिर्फ सूरज होगा और आदित्य-एल1 पर चंद्रमा या पृथ्वी की परछाई कभी नहीं पड़ेगी. चंद्रयान की ऐतिहासिक सफलता की तरह यह भारत के सामर्थ्य का और भारत के वैज्ञानिकों के सामर्थ्य का एक और शानदार प्रदर्शन है.
भारतीय नौसेना ने साहसिक ऑपरेशन को दिया अंजाम : पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, भारतीय नौसेना ने दो दिन पहले एक साहसिक ऑपरेशन को अंजाम दिया. अरब सागर में आगे बढ़ रहे एक व्यापारिक जहाज से जैसे ही संकट में होने का संदेश मिला भारतीय नौसेना और मरीन कमांडो तुरंत हरकत में आ गए. इस जहाज पर 21 लोग सवार थे और भारतीय नौसेना ने उन सभी को संकट से बाहर निकाला.
