प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूर्व केंद्रीय मंत्री बालासाहेब विखे पाटिल की आत्मकथा का विमोचन किया. बालासाहेब विखे पाटिल महाराष्ट्र के बड़े नेता रहे हैं. पीएम मोदी ने उनकी आत्मकथा ‘देह वीचवा करणी’ का विमोचन किया. इसके साथ ही पीएम मोदी ने प्रवर रूरल एजुकेशन सोसाइटी बदलकर लोकनेते डॉ. बालासाहेब विखे पाटिल प्रवर रूरल एजुकेशन सोसाइटी कर दिया. इस मौके पर महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे भी मौजूद थे.
खास बातें :-
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डॉ. बाला साहेब विखे पाटिल 7 बार लोकसभा सदस्य रहे
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पीएम मोदी ने किया उनकी आत्मकथा का विमोचन
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‘देह वीचवा करणी’ नाम है उनकी किताब का
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उन्हें पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था
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2016 में 84 साल की उम्र में उनका निधन हुआ
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि डॉक्टर बाला साहेब विखे पाटिल हमेशा महाराष्ट्र के गांवों की समस्याओं के समाधान को लेकर प्रयासरत रहे है. एमएसपी को लागू करने, बेहतर फसल बीमा समेत किसानों की हर छोटी-छोटी दिक्कतों को उन्होंने दूर करने का प्रयास किया है. और किसान को अन्नदाता की भूमिका से आगे बढ़ाते हुए उन्हें उद्यमी बनाने के लिए अवसर तैयार किया जा रहा है .
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि जो इलाका कभी अभाव में था, आज उनके प्रयास की ही नतीजा है कि उस जगह की तस्वीर बदल गई है. पीएम ने यह भी बताया कि अटल जी की सरकार में मंत्री रहते हुए उन्होंने कई काम किये. ग्रामीण इलाकों में शिक्षा और रोजगार के लिए उन्होंने महत्वपूर्ण काम किया. पीएम ने कहा कि जब देश में ग्रामीण शिक्षा की उतनी बात भी नहीं होती थी, तब वो गांव के युवाओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित किया करते थे.
पीएम ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को उनकी जीवन हमेशा प्रेरणा देता रहेगा. बालासाहेब वीखे पाटिल का जीवन और उनकी आत्मकथा सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. गौरतलब है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री बालासाहेब विखे पाटिल शुरूआत में कॉग्रेस पार्टी में थे. लेकिन बाद में वो बीजेपी में शामिल हो गये. वो सात बार लोकसभा सांसद रहे. केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे. उन्हें पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था. 2016 में उनका निधन हो गया था.
Posted by: Pritish Sahay
